ज्योलीकोट (नैनीताल)। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे स्कूल जा रहे बच्चों ने जब तेंदुए को सामने देखा तो वह बस्ते वहीं फेंक कर डेढ़ किमी दूर दौड़कर गांव भल्यूटी पहुंचे, जहां के ग्रामीणों ने डरे सहमे बच्चों को उनके घर भेजा।
ग्राम ज्योली और कौसानी से आठ से 14 वर्ष तक के दस से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने को घर से निकले थे। गांव से एक किमी आगे बच्चों को तेंदुए के गुर्राहट सुनाई दी। बच्चों को पास ही पहाड़ी पर तेंदुआ दिखाई दिया, जिससे उनमें हड़कंप मच गया और बस्ते फेंक कर गांव भल्यूटी की ओर दौड़ लगा दी। सहमे बच्चों को देख ग्रामीणों ने सुरक्षित होने का आभास कराया। समता आश्रम के ज्योतिर्मयानंद, गणेश साह, दीपू नेगी, नवीन तिवारी, अनूप आर्य, बसंत पाड़े आदि ने बच्चों को उनके घर पहुंचाने में सहयोग किया।
ग्राम प्रधान चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने में वन विभाग रुचि नहीं दिखा रहा है। कहा कि बीते फरवरी में तेंदुए ने एक बालिका को निवाला बनाया था और एक युवक को घायल कर दिया। इसी माह चोपड़ा में दिन में 12 बकरियों को भी तेंदुए ने मार डाला था। बीते सोमवार को गांजा मस्जिद के पास दिन में ही तेंदुआ दिखाई दिया था।
तेंदुए को देख स्कूली बच्चों ने भागकर बचाई जान
- तेंदुए की गुर्राहट से सहमे, बस्ते फेंककर भल्यूटी गांव पहुंचे सभी