मिर्जापुर स्टेशन पर टैंकर से पानी पीते यात्री
हल्द्वानी। शहर में अब लोगों के लिए पीने का पानी आधा ही रह गया है। अधिकतर नलकूपों का डिस्चार्ज 50 फीसदी से अधिक गिर चुका है। मुसीबत यह है कि नलकूपों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है और इस वजह से लगातार नलकूपों की मोटरों के फुंक रही हैं।
जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि ऊंचा पुल के नलकूप का औसत डिस्चार्ज 1200 एलपीएम है। इस नलकूप का डिस्चार्ज गिरकर 600 एलपीएम हो गया है। आंवलाकोट (कोटाबाग) के नलकूप का औसत डिस्चार्ज 700 एलपीएम है। इन दिनों यह नलकूप ड्राई हो गया है। बरसात के बाद नलकूप के दोबारा चलने की संभावना है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अन्य नलकूपों का डिस्चार्ज भी कम होता जा रहा है। अधिकांश नलकूपों का जलस्तर 25 से 30 फुट तक गिर गया है। जलस्तर कम होने से एक के बाद एक नलकूपों की मोटरें फुंक रही हैं। जल्द बारिश नहीं होने पर नलकूपों का जलस्तर और गिर सकता है। इसी रफ्तार से जलस्तर गिरा तो नलकूपों को चलाना मुश्किल हो जाएगा। नलकूपों का जलस्तर कम होते जाने से कई इलाकों में पेयजल संकट और अधिक गहराने की आशंका है। ऐसे में टैंकरों से भी पेयजल की बराबर आपूर्ति न हो पाने से लोगों की परेशानी में इजाफा हो रहा है।
50 फीसदी तक गिरा नलकूपों का डिस्चार्ज
जलस्तर कम होने से फुंक रहीं नलकूपों की मोटर
रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम का फिर राग
हल्द्वानी। अब अधिकारियों का कहना है कि नलकूपों के गिरते जलस्तर को देखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू किए जाने की जरूरत है। सभी स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लागू किए जाने पर गिरते जलस्तर को काफी हद तक रोका जा सकता है। इतना होने पर खुद जल संस्थान ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अपने स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं की है।