हल्द्वानी। एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को नये शिक्षा सत्र के पहले दिन ही सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल नहीं खुले। हालांकि स्कूलों में कार्यालय आदि खुले रहे लेकिन शिक्षण कार्य नहीं हुआ। इधर, कई स्कूल जो सोमवार से खुलने से उनकी ओर से एसएमएस के माध्यम से अभिभावकों को स्कूल बंदी की सूचना पहले ही दे दी गई थी।
हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में यहां आठ अप्रैल तक स्कूलों में बंदी का ऐलान किया है। एसोसिएशन के संरक्षक आरपी सिंह, अध्यक्ष गोपाल बिष्ट, महासचिव कैलाश भगत ने देहरादून में चल रही स्कूलों की हड़ताल का समर्थन करते हुए यह घोषणा की थी। कई पब्लिक स्कूलों ने अभी एनसीइआरटी पुस्तकें के मुद्दे पर विरोध के चलते अपने स्कूलों में सत्र शुरू करने की तिथि आगे बढ़ा दी है।
बिड़ला स्कूल खुला रहा
हल्द्वानी। पीएसए के स्कूल बंदी के निर्णय को आर्यमान विक्रम बिड़ला स्कूल ने नहीं माना है। सोमवार को बिड़ला स्कूल बाकायदा अपने समय पर खुला तथा पढ़ाई भी हुई। पीएसए के सदस्य स्कूलों के संचालकों का कहना था कि बिड़ला स्कूल भी पीएसए का सदस्य है लेकिन ज्यादातर मौकों पर वह साथ नहीं आता।
कई स्कूलों ने लगाई निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें
हल्द्वानी। प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद कई पब्लिक स्कूलों ने एनसीइआरटी किताबों के साथ निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें कोर्स में लगा दी हैं। सोमवार को मंगल पड़ाव स्थित पूरनमल एंड संस पुस्तक विक्रेता के यहां से कई निजी स्कूलों का महंगा कोर्स ले जाते देखे। अभिभावक भी बच्चों पर असर पड़ने के डर से स्कूलों के खिलाफ बोलने से डर रहे थे। एक बड़े ग्रुप के स्कूल ने तो अपने ग्रुप की पुस्तकें लगा दी हैं।