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अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण रोकने के मामले ने तूल पकड़ा

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नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक इंदिरा हृदयेश भी धरना स्थल पर पहुंची - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे कानिर्माण को रोके जाने के बाद उपजा विवाद मंगलवार को और तीखा हो गया। लालकुंआ के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल बुद्ध पार्क में समर्थकों सहित धरने पर बैठे। नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक इंदिरा हृदयेश भी धरना स्थल पर पहुंची और उन्होंने साफ कहा कि अंतरराज्यीय बस अड्डा नहीं बना तो राज्य सरकार को चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और इसमें हर दिन नए लोग शामिल होंगे। दुर्गापाल का भी साफ कहना है कि सरकार साफ तौर पर बताए कि हल्द्वानी में बस अड्डा कहां बनेगा। मंडी में अगर बस अड्डा बनाने की बात है तो यह कतई स्वीकार नहीं।
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कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार ने गौलापार बन रहे अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण कार्य रोकने का फैसला किया था। यह प्रस्ताव बाकायदा मंत्रिमंडल के सम्मुख रखा गया। इस प्रस्ताव में निर्माण कार्य रोकने की वजह स्पष्ट नहीं की गई थी। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद से ही सियासी माहौल गरमा गया है। इस परियोजना पर कांग्रेस का ठप्पा लगा हुआ है और निर्माण कार्य रोकने के विरोध में कांग्र्रेस भी खुलकर मैदान में आ गई। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने तो 30 जनवरी को भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान तक किया। एक कार्यक्रम में हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री को कांग्रेसियों ने काले झंडे तक दिखाने की कोशिश की।
मंगलवार को पूर्व कांग्रेस सरकार में पीडीएफ कोटे के मंत्री रहे और लालकुंआ के पूर्व विधायक हरीश चंद्र दुर्गापाल हल्द्वानी बुद्ध पार्क में गौलापार क्षेत्र के लोगों के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। दुर्गापाल ने सरकार पर राजनीतिक बैर भाव के तहत काम करने का आरोप लगाया और कहा कि कुमाऊं की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण रोके जाने का खुलकर विरोध किया जाएगा। दुर्गापाल ने बस अड्डे को हल्द्वानी मंडी में बनाने के प्रस्ताव का भी खुलकर विरोध किया।
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इस धरना प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश भी शामिल हुई। इंदिरा ने कहा कि सरकार ने अगर जल्द ही तस्वीर साफ नहीं की तो 30 जनवरी को बस अड्डे के निर्माण स्थल गौलापार में ही धरना दिया जाएगा। इस धरने में कुमाऊं भर के लोग शामिल होंगे। इंदिरा ने कहा कि प्रदेश सरकार को बस अड्डे का निर्माण रोकने के फै सले का खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

कब्रिस्तान होने को लेकर भी तू-तू, मैं-मैं

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना है कि प्रदेश सरकार निर्माण रोके जाने की वजह निर्माणाधीन स्थल में कब्रिस्तान का होना बता रही है। इस जमीन में मानव कंकाल मिलने के बाद यह मामला उठा था और अमर उजाला के आग्रह पर पुरात्वविद यशोधर मठपाल ने इस भूमि का का निरीक्षण किया था। मठपाल का साफ कहना था यहां कब्रिस्तान नहीं है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में भी निर्माण रोकने के पीछे यह वजह नहीं दी गई थी। 31 दिसंबर को हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस जमीन पर कब्रिस्तान होने का जिक्र कर इस विवाद को हवा दी। मंगलवार को इंदिरा हृदयेश ने फिर दोहराया कि यह तर्क कतई स्वीकार नहीं। अमर उजाला का जिक्र करते हुए इंदिरा ने कहा कि यह पहले ही स्पष्ट हो चुका था कि यहां कब्रिस्तान नहीं है।
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