हल्द्वानी। शिक्षा विभाग ने अब निजी स्कूलों को मान्यता नवीनीकरण के लिए एनओसी देने में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। अब सीबीएसई की ओर से जारी नियमों को पूरा करने वाले स्कूलों को ही शिक्षा विभाग एनओसी प्रदान करेगा। इसके आधार पर विभाग ने कुछ विद्यालयों के आवेदन में कमी होने पर उनकी पत्रावलियों को रोक दिया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि पब्लिक स्कूलों द्वारा सीबीएसई से मान्यता नवीनीकरण के लिए एनओसी को आवेदन किया जाता है। एनओसी के लिए सीबीएसई द्वारा ही स्कूलों को कई मानक पूरे करने के नियम बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर स्कूल संचालित हो रहा है उसकी भूमि या तो लीज पर होनी चाहिए या फिर संस्था के नाम होनी चाहिए। इसके अलावा स्कूल में अध्यापक-अध्यापिकाओं के अलावा स्टाफ का वेतन बैंक के माध्यम से दिए जाने का प्रमाण, जीपीएफ का पंजीकरण आदि सभी नियमों की जानकारी देनी होगी। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों को आरटीई के नियमों के तहत स्व:घोषणापत्र भरने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लाक स्तर पर उपशिक्षा अधिकारियों को इसकी समीक्षा करने को कहा गया है।
नियमों को पूरा करने वाले निजी स्कूलों को ही मिलेगी एनओसी
शिक्षा विभाग ने बरती सख्ती, अधूरी फाइलें रोकीं