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बिरसिंग्या, मलुवाताल वालों ने किया चुनाव बहिष्कार

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वोट बहिष्कार - फोटो : self
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धानाचूली (नैनीताल)। सड़क नहीं बनाए जाने से गुस्साए नैनीताल जिले के विरसिंग्या और मलवाताल गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। पोलिंग बूथों पर वोटरों के न पहुंचने पर आनन-फानन में अधिकारियों को गांवों में भेजा गया। स्वीप टीम को भी लगाया गया। एसडीएम विवेक राय ने ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण वोट डालने को राजी नहीं हुए। विरसिंग्या में दो और मलवाताल गांव में सिर्फ एक वोट पड़ा। तीनों वोट चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने डाले।
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धारी तहसील के बबियाड़ ग्रामसभा के तोक विरसिंग्या में 78 मतदाताओं को वोट देना था। कुछ ग्रामीण बूथ तक पहुंचे तो पता चला कि सड़क की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया गया है। समाजसेवी रमेश टम्टा ने बताया कि उनका तोक अनुसूचित बाहुल्य तोक है। मुख्य सड़क से तोक की दूरी पांच किलोमीटर है। ग्रामीण कई साल से सड़क की मांग कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व प्रधान जयराम, सुभाष चंद्र, चंद्र प्रकाश, बहादुर राम, सुरेश चंद्र, बालकृष्ण, नवीन, विद्यासागर, महेश शर्मा, ललित शर्मा शिवराज आदि मौजूद थे। यहां पीठासीन अधिकारी और प्रथम मतदान अधिकारी ने इलेक्शन ड्यूटी सार्टिफिकेट (ईटीसी) के माध्यम से अपना वोट डाला।
वहीं दूसरी ओर भीमताल ब्लाक के मलवाताल ग्रामसभा में भी सुबह देर तक जब कोई वोट डालने नहीं आया तो पीठासीन अधिकारी ने इसकी सूचना जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी। इस बूथ पर कुल 368 मतदाता रिकार्ड थे। समाजसेवी खीम सिंह गंगोला ने बताया कि ग्रामीण वर्षों पुरानी छह किमी सड़क की मांग पूरी नहीं होने से नाराज हैं। चुनाव बहिष्कार करने वालों में कंचन गंगोला, प्रताप सिंह, दिनेश नयाल, हरेंद्र गंगोला, प्रेम सिंह गंगोला आदि थे। यहां भी बूथ लेबल अधिकारी ने अपना वोट दिया।
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दो गांवों में बहिष्कार, एक में दो वोट पड़े दूसरे में सिर्फ एक
रोड नहीं होने से नाराज हैं ग्रामीण, एसडीएम के मनाने पर भी वोट डालने को राजी नहीं हुए
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