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पब्लिक एवं निजी स्कूलों में नये सत्र में नहीं चल सकेंगी महंगी पुस्तकें

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हल्द्वानी। पहली अप्रैल से शुरू हो रहे नये शिक्षा सत्र में कोई भी पब्लिक या प्राइवेट स्कूल महंगी पुस्तकें नहीं लगा सकेगा, सभी स्कूलों को एनसीईआरटी पुस्तकें ही लगानी होंगी। दिशा निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक ज्योति यादव की ओर से गाइड लाइन दो मार्च को जारी की जा चुकी है।
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कई स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लगाने की तैयारी की गई है। किस कक्षा में कौन सी प्राइवेट प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लगेंगी, इसकी सूची मंगा भी ली गई हैं। प्री नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में महंगी किताबें लगाई जा रही हैं। कक्षा एक से लेकर आठवीं तक में भी एनसीईआरटी पुस्तकों के साथ प्राइवेट प्रकाशकों की पुस्तकें कोर्स के साथ जोड़ दी हैं।

प्राइवेट स्कूलों में नहीं चल सकेंगी महंगी पुस्तकें
शिक्षा विभाग ने एनसीईआरटी पुस्तकें ही लगाने की जारी की है गाइड लाइन


पब्लिक स्कूलों में आवश्यक होने पर अन्य प्रकाशकों की किताबें इस शर्त के साथ उपलब्ध कराई जा सकती हैं कि उनका मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तकों के मूल्य से ज्यादा न हो। संबंधित पुस्तकें सीबीएसई के पाठ्यक्रम एवं दिशा निर्देशों तथा सीबीएसई, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार हों।
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- केके गुप्ता मुख्य शिक्षा अधिकारी

कॉशनमनी, पुन:प्रवेश शुल्क नहीं ले सकेंगे स्कूल
हल्द्वानी। शिक्षा विभाग ने यह भी हिदायत दी है कि निजी स्कूलों द्वारा कॉशनमनी, पुन: प्रवेश शुल्क, विद्यालय विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा। विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से जो भी शुल्क लिए जाएंगे, उनकी सूचना शुल्क का विवरण स्कूल की वेबसाइट पर डालना अनिवार्य होगा।
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