हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में ऑडिटोरियम बनने से पहले जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। ऑडिटोरियम की फॉर सीलिंग गिर चुकी है। सांपों ने अड्डा बना लिया है। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
जीएमसी में एक हजार सीट की क्षमता वाले ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 17 करोड़ रुपये हो गई। कुछ समय बाद लागत बढ़कर 27 करोड़ रुपये पहुंच गई। ऑडिटोरियम के निर्माण पर 37 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। ऑडिटोरियम अगर समय से बनता तो इसमें छात्र-छात्राओं का रंगारंग कार्यक्रम, लेक्चर, फिल्म दिखाई जातीं लेकिन ऑडिटोरियम खंडहर में तब्दील हो चुका है। ऑडिटोरियम में लगे एसी भी कंडम हो चुके हैं। भवन जर्जर स्थिति में पहुुंच गया है।
फॉर सीलिंग गिरी, सांपों का अड्डा बना
एसी भी कंडम, राजकीय मेडिकल कॉलेज में सरकारी धन की बर्बादी
समय से पूरा बजट न मिलने के कारण ऑडिटोरियम नहीं बन पाया। ऑडिटोरियम की लागत बढ़ने के साथ ही मामला शासन में अटका रहा। बजट के लिए शासन को दोबारा लिखा गया है। ऑडिटोरियम पूरा करने में अभी पांच से सात करोड़ रुपये और खर्च होंगे।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा
प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी