रामनगर/मालधन (नैनीताल)। मालधनचौड़ के मोहननगर में बाघ की दहशत है। रात के समय बाघ की दहाड़ भी सुनी गई है। बाघ पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बाघ ने 18 सितंबर को ग्राम मोहननगर निवासी वीरेंद्र सिंह (42) को मार दिया था। तब से ग्रामीण जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रात में करीब दो-तीन बार बाघ की दहाड़ सुनाई दी, तो गांव के लोग एकत्र हो गए और आग जलाकर सभी बैठे रहे। वन विभाग के कर्मचारी भी रात भर गश्त करते रहे। दक्षिणी जसपुर पतरामपुर के रेंजर महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि पिंजरा लगाया जा चुका है। बैलपड़ाव से कैमरे मंगाए गए हैं। रास्तों के किनारे झाड़ियों को काटा जा रहा है।
जोगेंद्र सिंह ने बताया कि बाघ की दहाड़ सुनाई देने से दिन का चैन और रात की नींद छिन गई है। केशर सिंह ने बताया कि लोग चारा, जलौनी लकड़ी लेने जंगल के पास जाने से डर रहे हैं। इंदर सिंह ने हाथी से हांका लगाकर बाघ को शीघ्र पकड़ने की मांग की। राणो कौर ने बताया कि दहशत के कारण तीन दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कौशल्या कौर ने वन्यजीवों को जंगल में ही रोकने, बंशो कौर ने भयमुक्ति की मांग की।
हिम्मतपुर ब्लॉक में तेंदुए की ग्रामीणों की दहशत
रामनगर (नैनीताल)। हिम्मतपुर ब्लॉक गांव में भी तेंदुए की दहशत है। वह दो दिन पहले एक पॉल्ट्री फार्म में घुस कर मुर्गियां खा गया है। वहां से तेंदुए का शावक भी पकड़ा जा चुका है। इस कारण वहां रात के समय वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। हालांकि विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा, कैमरा ट्रैप भी लगाया है।
ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा गया