हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में 22 डॉक्टरों को पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। शासन में बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई डीपीसी पर डॉक्टरों के प्रमोशन पर मोहर लग गई है। पदोन्नति के विधिवत आदेश शुक्रवार को जारी होने की उम्मीद है। स्वामीराम कैंसर इंस्टीट्यूट के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने में मुख्य अड़चन बनी वन भूमि के मामले पर बातचीत हुई है।
मेडिकल कॉलेज में पदोन्नति का मामला करीब एक साल से टल रहा था। डीपीसी को लेकर कई बार समय निर्धारित किया गया, मगर किसी न किसी तकनीकी कारणों से बैठक नहीं हो सकी। बैठक टलने के कारण पदोन्नति भी अटकी रही। पदोन्नति को लेकर कुछ डॉक्टरों में रोष व्याप्त था। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार को डीपीसी को लेकर शासन में बैठक हुई। बैठक में 11 एसोसिएट प्रोफेसर को प्रोफेसर बनाया गया जबकि 11 असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति हुई है। शुक्रवार को डॉक्टरों की पदोन्नति की सूची आने की उम्मीद है। पदोन्नति के लिए 23 डॉक्टरों के नाम थे, जिनमें से 22 पर मोहर लगी है। बैठक में सचिव चिकित्सा शिक्षा नितेश झा, सचिव वन अरविंद हयांकी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा आदि थे।
असिस्टेंट से एसोसिएट प्रोफेसर और एसोसिएट से प्रोफेसर बने
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक