हल्द्वानी। उच्च शिक्षा निदेशालय में निदेशक और संयुक्त निदेशक की कुर्सी भी शनिवार को खाली हो गई। उच्चशिक्षा विभाग की प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन सेवानिवृत्त हो गईं। अब उपनिदेशक डॉ. ललित प्रभा शर्मा के पास प्रभारी निदेशक का कार्यभार है।
शासन पर पकड़ के बलबूते डॉ. सविता मोहन के सेवा विस्तार की पूरी संभावना थी। सूत्रों के मुताबिक शासन ने 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने का हवाला देते हुए सेवा विस्तार से साफ इनकार कर दिया। प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन शनिवार को देहरादून में प्रदेश भर के छात्रसंघ पदाधिकारियों के सम्मेलन में थीं।
छात्रनिधि के लाखों रुपये खर्च करने से चर्चा में रहीं प्रभारी निदेशक
हल्द्वानी। प्रदेश भर के डिग्री कॉलेजों के एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद देने के लिए उच्चशिक्षा निदेशालय में चली साक्षात्कार प्रक्रिया में लाखों रुपये खर्च करने के मामले में प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन चर्चा में रहीं। एमबीपीजी कॉलेज और महिला महाविद्यालय हल्द्वानी से पांच लाख रुपये छात्र निधि से लेकर साक्षात्कार प्रक्रिया में खर्च करने को शासन ने गंभीर मामला माना। इस मामले में अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह द्वारा जांच भी कराई जा रही है।
65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर निर्धारित तिथि 30 जून को प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन सेवानिवृत्त हो गईं हैं। संयुक्त निदेशक और निदेशक पद पर तैनाती करने के संबंध में शासन को शनिवार को ही पत्र भेज दिया गया है। मेरे पास प्रभारी निदेशक का केवल कामचलाऊ प्रभार है।
- डॉ. ललित प्रभा शर्मा उपनिदेशक, उच्चशिक्षा निदेशालय