हल्द्वानी। जलसंस्थान का शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट पुराना हो गया है। मियाद पूरी कर चुके इस ट्रीटमेंट प्लांट को 55 साल हो गए हैं। अब शहर की पेयजल वितरण व्यवस्था के लिए नए ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही सेडीमेंटेशन और अधिक क्षमता वाले पेयजल स्टोरेज टैंक की भी जरूरत है। नया ट्रीटमेंट प्लांट, सेडीमेंटेशन टैंक जलनिगम को बनाना है लेकिन जलनिगम ने अभी इसका प्रस्ताव ही नहीं बनाया है।
शहर को पेयजल सप्लाई करने वाले ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण 1963 में किया गया था। जलसंस्थान के अधिकारियों के मुताबिक इसे 30 साल के लिए डिजाइन किया गया था लेकिन यह 55 साल पुराना हो चुका है। जलसंस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि नए ट्रीटमेंट प्लांट में सेडीमेंटेशन टैंक समेत अतिरिक्त पेयजल के लिए अधिक क्षमता के स्टोरेज टैंक की जरूरत है। ट्रीटमेंट प्लांट में कलैक्शन चैंबर, क्लीयर वाटर टैंक की भी जरूरत है। नए प्लांट का निर्माण जलनिगम को करना है लेकिन फिलहाल जलनिगम की ओर से नए सेडीमेंटेशन टैंक का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। पुराने पड़ चुके ट्रीटमेंट प्लांट की पेयजल शोधन क्षमता कम हो गई है। पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट का नया प्रस्ताव बनाने के लिए जलनिगम को पत्र भेजा जाएगा। इधर, जलनिगम विश्व बैंक परियोजना के ईई हिमांशु वर्मा ने बताया कि अमृत योजना के तहत नया ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन अमृत योजना में ट्रीटमेंट प्लांट की मंजूरी नहीं मिल पाई।
नए प्लांट में सेडीमेंटेशन टैंक, स्टोरेज टैंक की जरूरत
पेयजल ट्रीटमेंट प्लांट मियाद पूरी कर चुका
प्लांट की पेयजल शोधन क्षमता कम हुई