हल्द्वानी। जिले में सर्किल रेट तय कर इससे संबंधित फाइल शासन को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाने से परहेज किया है। कुछ स्थानों पर सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं तो कुछ स्थानों पर कम भी किए गए हैं। माना जा रहा है कि नए सर्किल रेट घोषित होने पर नोटबंदी के बाद सुस्त हुए भूमि कारोबार की सक्रियता बढ़ सकती है।
माना जा रहा है कि एक पखवाड़े के भीतर शासन स्तर पर सर्किल रेट को मंजूरी दे दी जाएगी। उसके बाद ही जिला प्रशासन द्वारा नए सर्किल रेट घोषित किए जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में जिला प्रशासन द्वारा कुछ स्थानों पर सर्किल रेट बढ़ाने और कुछ स्थानों पर सर्किल रेट घटाने की संस्तुति की गई है क्योंकि नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में पिछले दो दशकों में जमीन का कारोबार खूब फला फुला है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रशासन द्वारा इस बार सर्किल रेट संतुलित रखे गए हैं। माना जा रहा है कि ऐसा नोटबंदी के बाद जमीन की खरीद फरोख्त के धंधे के मंदा होने और इससे सरकार को हो रहे राजस्व के नुकसान को देखते हुए किया गया है। शासन द्वारा तय किए जाने वाले सर्किल रेट के आधार पर ही निजी क्षेत्र में भी जमीन की कीमतें घटती और बढ़ती हैं। सरकार हर साल नवंबर में राजस्व विभाग के अधिकारियों से सर्वे कराने के बाद नए सर्किल रेट जारी करती है लेकिन इस बार नवंबर में ऐसा नहीं हो सका। सर्किल रेट संबंधी बैठक 30 व 31 दिसंबर को देहरादून में होनी थी जो अपरिहार्य कारणों के चलते नहीं हुई जिसके चलते यह मामला अभी लंबित है।