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17 ट्यूबवेल अभी भी बिना स्टेबलाइजर के 

Tue, 29 Mar 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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गर्मी ने फिर दस्तक दे दी है और जल संस्थान के 17 ट्यूबवेल बिना स्टेबलाइजर के हैं। 24 ट्यूबवेल ऐसे हैं जिनके स्टेबलाइजर बदले जाने हैं। जल संस्थान को 01 करोड़ 84 लाख रुपये के सापेक्ष महज 70 लाख रुपये की धनराशि मिली है और शेष धनराशि अप्रैल में मिलने के बाद ही काम शुरू होगा। 
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हल्द्वानी में गर्मियों में प्रति वर्ष पेयजल किल्लत होती है। वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल की मोटरें धड़ाधड़ फुंकती हैं। वर्ष 2014 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान हल्द्वानी में पेयजल किल्लत का मामला गूंजा था। सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य और वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर के लिए प्रस्ताव मांग लिए थे।
ऐसा लगा था कि छह माह के भीतर ही सारे ट्यूबवेल स्टेबलाइजर से आच्छादित हो जाएंगे मगर 19 माह बीतने के बाद भी स्टेबलाइजर लगने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने बताया कि हल्द्वानी शहर-ग्रामीण में मिलाकर 17 ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर लगने बाकी हैं।
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जबकि 24 ट्यूबवेल ऐसे हैं जिनमें स्टेबलाइजर बदले जाने हैं। उन्होंने बताया कि अभी 01 करोड़ 14 लाख रुपये की धनराशि मिलनी शेष है। नए वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की संभावना है। धनराशि मिलने के बाद ही उक्त ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर बदलने का काम शुरू होगा। 

ये हैं ट्यूबवेल जिनमें लगने हैं स्टेबलाइजर 
= शीशमहल, आम्रपाली, आवास-विकास, डिग्री कालेज के पीछे (जगदंबा नगर), जल निगम कालोनी, सुभाष नगर, महिला डिग्री कालेज, तहसील परिसर, खाम बंगला, आजाद नगर, इंदिरा नगर, प्रेमपुर लोशज्ञानी, भगवानपुर, बिष्ट धड़ा, लोहरियासाल, तुल्ला रामपुर, बमेठा बंगर। 
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