हल्द्वानी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी ठंड से निजात नहीं मिलेगी। 31 जनवरी को एक बार फिर बदरा बरसने और हिमपात होने की संभावना है। बर्फ पिघलने के कारण गलन बढ़ गई, अधिकतम और न्यूनतम पारा लुढ़क गया।
शुक्रवार को झमाझम बारिश होने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों पर हिमपात हुआ। दो दिन से खिल रही चटक धूप के कारण बर्फ पिघलने से गलन बढ़ गई है। साथ ही उत्तरी पश्चिमी दिशा से चली हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। धूप हल्की होने और हवा चलने के कारण ठंड का एहसास हुआ। अवकाश होने के बाद भी लोग धूप सेंकते नजर नहीं आए। अधिकतम तापमान 19.8 और न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। देहरादून में अधिकतम तापमान 18.2 और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 4.6 और न्यूनतम तापमान -1.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से आठ और न्यूनतम तापमान सामान्य से -3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। नई टिहरी में अधिकतम तापमान 7.3 और न्यूनतम तापमान -0.1 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 30 जनवरी से ही मौसम में बदलाव आएगा। 31 जनवरी, एक फरवरी को बारिश और हिमपात की संभावना है। बताया कि एक सप्ताह तक ठंड से निजात नहीं मिलेगी।
31 को फिर बरसेंगे मेघ, होगा हिमपात
बर्फ पिघलने के साथ ही बढ़ी गलन, उत्तर पश्चिमी दिशा से चली हवा ने ठिठुराया