रानीखेत (अल्मोड़ा)। चिलियानौला नगर पालिका गठन के बाद अब कस्बे में बाईपास सड़क की मांग भी मुखर होने लगी है। लोग पूर्व में स्वीकृत हैड़ाखान-बधाणगांव सड़क को बाइपास बनाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि यहां पूर्व में हैड़ाखान से बधाण गांव को जोड़ते हुए विधायक निधि से सड़क को मंजूरी मिली थी। इसके लिए पांच लाख रुपये भी मिले, लेकिन भूमि का मामला आड़े आने के कारण यह मामला अधर में लटक गया। अब नगरपालिका बनने के बाद बाईपास सड़क बनने की उम्मीदों को भी पंख लगने लगे हैं।
चिलियानौला कस्बे में अब नगरपालिका अस्तित्व में आ चुकी है। नगरपालिका में जो सात वार्ड बनाए गए हैं, इनमें से अधिकांश वार्ड सड़क सुविधा से वंचित हैं। पहले 2011 में तत्कालीन विधायक ने अपनी निधि से हैड़ाखान से बधाण गांव को जोड़ने के लिए सड़क को मंजूरी दी। लेकिन भूमि के विवाद के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। अब नगर पालिका के अस्तित्व में आने के बाद लोग पूर्व मंजूर इस सड़क को बाईपास के रूप में बनाने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि हैड़ाखान से बधाण होते हुए वार्ड नंबर छह के निचले हिस्से से होकर जीडी बिड़ला स्कूल को जोड़ने वाली सड़क पर इसका मिलान किया जाना चाहिए। इससे वहां रह रहे लोगों को सड़क की सुविधा मिलेगी, मालूम हो कि वार्ड नंबर छह में निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सड़क तक पहुंचने में आधे से एक किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। वार्ड नंबर छह के सभासद अरुण रावत का कहना है कि इस बाईपास सड़क को बनाने के लिए हर संभव प्रयास होंगे।
कोट....
2011 में मैने विधायक रहते हैड़ाखान से बधाण तक के लिए सड़क स्वीकृत कराई। इसके लिए छह लाख रुपये भी स्वीकृत किए। तब कुछ लोगों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते जबरन कार्य नहीं होने दिया। लोग भूमि का विवाद सुलझाएं सड़क निर्माण के लिए वह धन देने का प्रयास करेंगे। - करन माहरा, विधायक, रानीखेत।
-बाईपास सड़क बनने से काफी लोगों को फायदा मिलेगा। इससे चिलियानौला मुख्य बाजार में भी वाहनों का दबाव घटेगा। इसके लिए पालिका की ओर से पूरे प्रयास किए जाएंगे।- कल्पना देवी, पालिकाध्यक्ष चिलियानौला।