हल्द्वानी। राज्य में संचालित हो रहे खेल संघों पर सरकार नकेल कसने की तैयारी में है। खेल निदेशक ने संघों को पत्र भेजकर सूचनाएं खेल निदेशालय से साझा करने को कहा है। सरकार सूचनाएं न देने वाले संघों की वित्तीय मदद से हाथ खींच सकती है।
बीते अगस्त में राज्य सरकार ने खेल कोड लागू किया था। पांच सितंबर को खेल निदेशक ने खेल कोड के संबंध में आदेश जारी कर दिया था। नए खेल निदेशक प्रताप साह ने भी बीते सोमवार को खेल संघों को पत्र भेजकर सूचनाएं खेल निदेशालय को देने को कहा है। खेल निदेशक ने बताया कि खेल संघों को सूचनाएं देने के लिए पत्र भेजा गया है। इससे खेल कोड के अनुसार सरकार संघों की मदद कर सके। अगर खेल संघ नियमावली के अनुसार नहीं चलेंगे तो उनकी वित्तीय मदद रोकी जा सकती है।
खेल निदेशक ने मांगी संघ से जुड़ी सूचनाएं
सूचनाएं नहीं देने पर बंद हो सकती है मदद
ये मांगी हैं सूचनाएं
निदेशक ने खेल संघों से संघों से जुड़ी कई सूचना मांगी हैं। इसमें पूछा गया है कि
- खेल संघ में कोई सरकारी कर्मचारी तो नहीं है?
- अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सरकारी विभागों के कर्मचारी तो नहीं हैं?
- खेल विभाग के कर्मचारी तो संघ में पदाधिकारी नहीं हैं?
- सरकारी कर्मचारी अगर पदाधिकारी है तो कितने वर्ष से तैनात है।
- संघ की नियमावली क्या है?
- नियमावली अनुसार कब संघ के चुनाव किए गए थे?
- संघ के आय-व्यय का ब्योरा
- पदाधिकारियों की उम्र क्या है?
ओलंपिक से जुड़े हैं 40 खेल संघ
प्रदेश में ओलंपिक से जुड़े खेल संघ संचालित हो रहे हैं। कई खेल संघ चल रहे हैं, जिनकी ओलंपिक में मान्यता नहीं है। सरकार खेल संघों को वित्तीय मदद भी करती है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर खिलाड़ियों को खेल किट भी दी जाती है।