हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में तृतीय सेमेस्टर परीक्षा परिणाम में खामियों और चतुर्थ सेमेस्टर में दाखिला होने में परेशानी होने पर मंगलवार को छात्रों ने हंगामा किया। प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन भी दिया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय से चतुर्थ सेमेस्टर में प्रवेश दिए जाने के संबंध में प्राप्त पत्र के आधार पर एमबी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य की ओर से प्रवेश समितियों को नियम जारी किए गए थे। कॉलेज की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि जिन विद्यार्थियों को प्रथम से द्वितीय व द्वितीय से तृतीय सेमेस्टर में प्रमोट किया गया था उन सभी विद्यार्थियों का प्रवेश चतुर्थ सेमेस्टर में होगा। जो तृतीय सेमेस्टर में सम्मिलित हुए हैं उनका परिणाम उत्तीर्ण, सीओपी, अनुत्तीर्ण में से कोई भी हो। जो विद्यार्थी प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण हुए हैं तो उनकी सेमेस्टर बैक परीक्षा चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाओं की बाद होगी। जो विद्यार्थी तृतीय सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण हुए हैं वे चतुर्थ सेमेस्टर में प्रवेश तो ले सकेंगे लेकिन उन्हें तृतीय सेमेस्टर की सेमेस्टर बैक परीक्षा दिसंबर में होने वाली प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस अवधि में उन्हें पंचम सेमेस्टर में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। और आगामी सत्र उनका सेमेस्टर बैक सत्र होगा। सेमेस्टर में प्रवेश के नियमों को लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया। छात्रनेता गौरव सम्भल, हिमांशु जोशी, नवीन मेहरा, कार्तिक दरम्वाल, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सत्यम दरम्वाल, संजय जोशी, गौरव सनवाल, पंकज सूर्या, हिमांशु कुल्याल आदि छात्रों ने प्रभारी प्राचार्य डॉ. लीला तिवारी को घेर लिया। चीफ प्रॉक्टर डॉ. विनय विद्यालंकार समेत कई प्राध्यापकों ने आक्रोशित विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय के प्रवेश संबंधी इन शर्तों को समाप्त कराया जाए। बाद में कुमाऊं विवि के एमबी कॉलेज केंद्र प्रभारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू के सामने भी यह प्रकरण उठा। बीए तृतीय सेमेस्टर के छात्र रवि मेहरा और रवि सिंह खौलिया ने अंकतालिकाओं में खामियां दिखाईं। उन्हें अंकतालिका में पास बताया गया है जबकि नंबर केवल आठ दिए गए हैं।