हल्द्वानी। भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों में डीजल और पेट्रोल का संकट हो गया है। कुमाऊं के 66 पेट्रोल पंप सूखने की कगार पर हैं। यूनियन की हड़ताल के दो दिनों से डीजल और पेट्रोल नहीं आ पा रहा है।
कुमाऊं में भारत पेट्रोलियम के 66 पंप हैं। प्रतिदिन 400 किलो लीटर डीजल और 150 किलो लीटर पेट्रोल आता है। प्रतिदिन लगभग इतने ही डीजल और पेट्रोल की खपत होती है। आंवला में यूनियन कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण पिछले 48 घंटों से डीजल और पेट्रोल नहीं आ पा रहा है। भारत पेट्रोलियम के उप प्रबंधक विक्रय अमित कुमार ने बताया कि यूनियन ने मांगों को लेकर हड़ताल कर रखी है।
गाड़ियों को डीजल और पेट्रोल नहीं भरने दिया जा रहा है। गाड़ियां आंवला में ही खड़ी है और चालक हड़ताल खुलने का इंतजार कर रहे हैं। हड़ताल के चलते भारत पेट्रोलियम के पंप सूखने की कगार पर हैं। बुधवार दोपहर तक लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोल पंपों में डीजल और पेट्रोल खत्म हो जाएगा। भारत पेट्रोलियम के पंप सूखने के कारण अब लोड इंडियन ऑयल कारपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ऊपर आएगा। कुमार ने बताया कि बुधवार को यूनियन पदाधिकारी बातचीत के लिए जा रहे हैं। बातचीत के जरिए अगर गतिरोध समाप्त हुआ तो हालात सामान्य हो जाएंगे और पेट्रोल-डीजल आने लगेगा।