चार दिनों से शहर से कूड़ा नहीं उठा था। इससे शहर की गलियां, चौराहे गंदगी से बजबजा रहे थे। बहरहाल, बुधवार को नगर निगम ने वृहद स्तर पर कूड़ा उठाने का अभियान शुरू किया है। दावा है कि करीब 160 टन कूड़ा उठाया गया है, इन्हें बाईपास एरिया में गड्ढों में डालकर मिट्टी से पाटा जा रहा है।
हल्द्वानी में एक दिन में 75 टन तक कूड़ा निकलता है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी 10 टन तक कूड़ा पहुंचता था, जिसे नगर निगम वन विभाग के गौला रोखड़ में फेंकता था। इसे लेकर तराई पूर्वी वन प्रभाग ने 24 जनवरी को निगम अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद से शहर में कूड़ा उठाने का काम बंद पड़ा था। करीब 240 टन तक कूड़ा एकत्र हो गया था। इसे निस्तारित करने का काम बुधवार को शुरू हुआ।
निगम ने सारे संसाधन एवं टीम को इसमें लगाया। स्वास्थ्य निरीक्षक रतन लाल ने बताया कि शाम तक करीब 160 टन कूड़ा उठा लिया गया। बाईपास में एक जगह कूड़े को गड्ढे में डालकर मिट्टी से पाट गया है। गुरुवार को बाकी कूड़ा उठाने के बाद मिट्टी से पाटने का काम किया जाएगा। कीटनाशक का छिड़काव भी किया गया है। मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला का कहना कि कूड़े की समस्या का जल्द निस्तारण कर लिया जाएगा। इसके निपटने की स्थायी योजना पर भी काम किया जा रहा है।
निगम कार्यालय भी दुर्गंध से भरा
निगम ने दो दिन में शहर से काफी कूड़ा वाहनों में जमा किया हुआ था, इसमें कई वाहनों को निगम कार्यालय में खड़ा किया गया, जिससे कार्यालय तक दुर्गंध से भर गया है।