हल्द्वानी। रेलवे की सात बड़ी उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण के फैसले के बाद रेल बजट मेें ढांचागत सुधार के लिए पीपीपी मोड को मंजूरी देने के निर्णय से रेलकर्मियों की नाराजगी बढ़ गई है।
शनिवार को एनई रेलवे मजदूर यूनियन के काठगोदाम शाखा अध्यक्ष राम कुमार वर्मा ने नेतृत्व में रेलकर्मियों ने रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के खिलाफ नारेबाजी की और काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। अध्यक्ष राम कुमार ने कहा कि सरकार ने रेलवे की सात बड़ी उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण का फैसला लिया गया है जो रेल हितों के खिलाफ है। शाखा सचिव अभिषेक सिन्हा ने कहा कि सरकार ने रेल ढांचे में सुधार के नाम पर रेलवे ट्रैक के लिए पीपीपी मॉडल को मंजूरी दी है। लगातार कारखानों और रेल निकायों का निजीकरण किया जा रहा है जो रेलकर्मियों के साथ ही रेलवे के हित में नहीं है। इस मौके पर उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार, सहायक शाखा मंत्री अमित कुमार कश्यप, संगठन मंत्री मलखान मीणा, संयुक्त मंत्री सर्वेश कुमार, रोहन कुमार, श्याम सिंह, प्रदीप कुमार, सीएम पथारिया, कंधई लाल रावत, गिरीश लाल, केएस बिष्ट आदि मौजूद थे।
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ फूटा गुस्सा
कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर किया काम
आज मशाल जुलूस निकालेंगे
हल्द्वानी। रेलवे के निजीकरण के फैसले से आक्रोशित एनई रेलवे मेंस कांग्रेस की ओर से रविवार सात जुलाई को शाम 6:30 बजे से काठगोदाम रेलवे आरक्षण केंद्र के बाहर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। शाखा मंत्री सचिन कुमार ने बताया कि रेलवे का निगमीकरण और निजीकरण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रोडवेज कर्मचारियों का एक महीने का वेतन जारी
हल्द्वानी। परिवहन निगम ने हल्द्वानी डिपो को छोड़कर नैनीताल रीजन के सभी डिपो का एक माह का वेतन जारी कर दिया है। एक-दो दिन में हल्द्वानी डिपो का वेतन भी जारी कर दिया जाएगा। नैनीताल रीजन के कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला था। वेतन नहीं मिलने के कारण रोडवेज की कई यूनियनों ने कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का शिष्ट मंडल परिवहन सचिव से मिला था। उधर, परिवहन निगम मुख्यालय ने एक माह का वेतन जारी कर दिया है। आरएम यशपाल सिंह ने बताया कि एक माह का वेतन जारी किया गया है।