हल्द्वानी। प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना के अधीन पिछले एक वर्ष से तैनात पीजी जेआर को सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केएस शाही ने हटा लिया है। वर्तमान में प्लास्टिक सर्जन के अधीन 28 मरीज भर्ती हैं और दस के ऑपरेशन होने हैं। स्टाफ न होने के कारण दस मरीजों के ऑपरेशन टल सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो प्रत्येक वर्ष नौ पीजी जेआर आते हैं। वर्तमान में 27 पीजी जेआर सर्जरी विभाग में हैं। सर्जरी विभाग की चार यूनिट हैं और सभी को दो-दो पीजी जेआर मिले हैं। 24 पीजी जेआर की ड्यूटी पर होने के बाद भी तीन पीजी जेआर शेष हैं जो पीजी जेआर में पूर्व दिया गया था, उसे भी हटा दिया गया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि उनके पास पीजी जेआर हटाये जाने संबंधी आदेश की प्रति अभी नहीं आई है। प्रति आने के बाद मामले को संज्ञान में लिया जाएगा और सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष से पूछा जाएगा कि ऐसा आदेश क्यों किया।
प्लास्टिक सर्जन से विभागाध्यक्ष ने हटाया पीजी जेआर
28 मरीज हैं भर्ती, 10 का ऑपरेशन टलने के आसार
क्या ऐसे ही चलाएंगे बर्न यूनिट
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में बर्न यूनिट बननी है। बर्न यूनिट 6.579 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बर्न यूनिट के लिए डीपीआर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। बड़ा सवाल यह है कि यूनिट खुलने के बाद सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट से लेकर अन्य स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। हालत ऐसे ही रहे तो बर्न यूनिट में मरीजों को कैसी सुविधा मिलेगी इसका अंदाज सहज ही लगाया जा सकता है।