हल्द्वानी। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुलतान की अदालत ने सुरेंद्र हत्याकांड की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों रजत शर्मा और राजेंद्र सिंह उर्फ रवि सिंह को घटना का दोषी पाया है। अदालत मंगलवार को इस मामले में दोनों को सजा सुनाएगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता घनश्याम पंत के अनुसार राजपुरा नई बस्ती वार्ड नंबर दो निवासी सुरेंद्र सिंह उर्फ बब्लू (24) एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए 21 अप्रैल 2014 को अपने पड़ोसी दिलबाग के साथ बाइक से निकला। दूसरे दिन सुरेंद्र के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने काफी खोजबीन की। दिलबाग से भी पूछताछ की गई। पता चला कि सुरेंद्र बरात में नहीं गया था। दिलबाग ने बताया कि बरात में जाते समय हल्दूचौड़ में दो लोग मिल गए थे। सुरेंद्र दोनों के साथ चला गया। 23 अप्रैल को भोटिया पड़ाव चौकी से एक सिपाही सुरेंद्र के घर पहुंचा। उसने परिजनों को नानक सागर डैम में मिले शव और मोटरसाइकिल का फोटो दिखाया। परिजनों ने फोटो के आधार पर सुरेंद्र के शव की शिनाख्त की। इस मामले में सुरेंद्र की मां चंपा ने हल्द्वानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचक इंदर सिंह राणा ने दो गवाहों विजय कुमार और इंदर सिंह अधिकारी को ढूंढ निकाला। दोनों ने बताया कि वे पूर्णागिरी से लौट रहे थे। इस बीच सितारगंज खालसा होटल पर सुरेंद्र के साथ जग्गीबंगर हल्दूचौड़ निवासी रजत शर्मा उर्फ धर्मेश शर्मा और परमा हल्दूचौड़ निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ रवि सिंह मिले थे। तीनों ने शराब पी थी और उस समय होटल के सामने सुरेंद्र की बाइक खड़ी थी। पूछने पर बताया कि वे एक बरात में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में तीनों की मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। मोबाइल कॉल से प्रमाणित हो गया कि तीनों नानक सागर डैम तक गए थे। दोनों ने सुरेंद्र को पीटकर डैम में फेंक दिया था। उपनिरीक्षक त्रिलोक राम बगरेठा ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दायर की। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के समर्थन में अदालत में 12 गवाहों को पेश किया। अदालत ने धारा 302/34,201 के तहत हत्या के लिए रजत शर्मा और राजेंद्र सिंह उर्फ रवि सिंह को दोषी पाया।
सुरेंद्र हत्याकांड में दोनों आरोपी दोषी साबित
सजा के बिंदु पर फैसला आज, नानक सागर डैम में मिला था शव