हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का फायदा निजी कंपनियां जमकर उठा रही हैं। निजी कंपनी ने 80 लाख रुपये जमा कर करीब डेढ़ करोड़ की नाली और फुटपाथ खोद डाले।
शहर में निजी कंपनियां सड़क किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछा रही है। केबल बिछाने के नाम पर शहर की सड़कें जगह-जगह खोद डाली हैं। हाल ये है कि कंपनियाें ने सरकारी मानकों के अनुसार फुटपाथ और सड़क खोदने का पैसा जमा किया है, लेकिन यह राशि इतनी कम है कि इससे फुटपाथ और सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता है। लोनिवि सूत्रों की मानें तो केवल मुखानी से कॉल टैक्स तक डेढ़ करोड़ की लागत से फुटपाथ और नाली बनाई गई थी। साथ ही इसमें टाइल लगाई गई थी। अब यहां पर ओएफसी बिछाने के लिए नाली और फुटपाथ खोदे जा रहे हैं। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एचएस रावत ने बताया कि जो कंपनी केबल बिछा रही है, उसने रोड कटिंग के एवज में 80 लाख रुपये जमा कराए हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि डेेढ़ करोड़ के लागत के फुटपाथों को इतने सस्ते में खोदने के लिए कैसे अनुमति दे दी गई?
डेढ़ करोड़ का नुकसान, भरपाई सिर्फ 80 लाख
मुखानी से कॉल टैक्स तक डेढ़ करोड़ की लागत से बनाए हैं फुटपाथ और नाली
ओएफसी बिछाने के नाम पर निजी कंपनियों ने खोद डाले
अब नाला चोक होने का खतरा
हल्द्वानी। निजी कंपनी की ओर से फुटपाथ खोदने के कारण नाला चोक होने का भी खतरा उत्पन्न हो गया है। लोनिवि ने सड़क के पानी को नाले में ले जाने के लिए मुखानी सड़क के फुटपाथ पर छोटे नाले बनाए थे। इन नालों के ऊपर टाइल लगाई थी। साथ ही सड़क किनारे छोटी नाली बनाई थी। इन छोटी नाली में पाइप डालकर इसके पानी को छोटे नालों में डाला गया है। फुटपाथ खोदने के कारण ये पाइप टूट गए हैं। साथ इन पाइपों में मिट्टी घुस गई है। मानसून सीजन में इस मिट्टी से नाले चोक होना तय है।