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सिंचाई नहरों में अतिक्रमण, विभाग मौन

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हल्द्वानी। सिंचाई विभाग की सभी नहरें अतिक्रमण की चपेट में हैं। सिंचाई विभाग ने पिछले दिनों नहर में आवासीय कॉलोनी का पानी छोड़ने, नहरों पर कब्जा कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाने, नहरों में कूड़ा फेंकने समेत विभिन्न मामलों में 31 अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजे, लेकिन एक भी अतिक्रमणकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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गौला बैराज से सिंचाई विभाग की दो प्रमुख नहरें गौलावार, गौलापार नहरों से क्षेत्र की सिंचाई होती है। इन प्रमुख नहरों की सहायक सहायक नहरों से कई गूलें और छोटी नहरें जुड़ी हैं। सिंचाई विभाग की गौला बैराज से आने वाली मुख्य नहर के साथ ही अन्य सहायक नहरों पर भी कई लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। गौला बैराज से निकलते ही रेलवे लाइन के किनारे अतिक्रमणकारियों ने पक्के आवास बना लिए हैं। शहर, गौलापार क्षेत्र में भी नहरों पर कब्जा कर पक्के निर्माण किए गए हैं। कई लोगों के घरों का पानी, सीवर आदि भी नहरों के जरिये लोगों के खेतों तक पहुंच रहा है। आवासीय कॉलोनियों, नालों का पानी नहर में छोड़े जाने से नवाबी रोड नहर चोक हो रही है। लोनिवि इस नहर को कवर नहीं करा पा रहा है। विभाग को अधिक पानी होने से कवरिंग कार्य बीच में ही रोकना पड़ा। लोनिवि, सिंचाई, बिजली, जलसंस्थान के अधिकारियों के निरीक्षण में भी नहर में नालों, आवासीय कॉलोनियों का पानी छोड़े जाने की पुष्टि हुई है। विभाग ने 31 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेजे लेकिन नोटिस के बाद अब विभागीय अधिकारी मौन हैं। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


सिंचाई नहरों का अतिक्रमण विभाग को क्यों नहीं दिखता
अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजने तक सीमित है कार्रवाई

नहरों में अतिक्रमण करने वालों और आवासीय कॉलोनियों का पानी नहरों में छोड़ने वाले 31 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने नहरों पर अतिक्रमण नहीं छोड़ा तो पुलिस, प्रशासन की मदद से अतिक्रमण तोड़े जाएंगे। नहरों में पानी छोड़ने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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- तरुण बंसल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड।
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