नैनीताल। सरोवर नगरी में यातायात व्यवस्थाएं शुक्रवार को भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकीं। शहर से करीब आठ किमी पहले वाहन रोकने से गुस्साए कई पर्यटक रास्ते से ही लौट गए। पर्यटकों का कहना था कि उन्हें शटल सेवा से नगर में भेजा जाना पसंद नहीं है। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए रूसी बाईपास, खुर्पाताल बाईपास, नारायणनगर पार्किंग और चारखेत पार्किंग पर वाहन रोके थे। बावजूद इसके नगर की यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। पुलिस ने स्थानीय लोगों के रिश्तेदारों पर भी सख्ती दिखाई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने कई स्थानीय लोगों के रिश्तेदारों को भी लौटा दिया।
सात नंबर निवासी युवक ने बताया कि उनके रिश्तेदार हल्द्वानी में रहते हैं। शुक्रवार को वह नैनीताल उसके घर आ रहे थे। रूसी बाईपास पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने रिश्तेदारी में जाने की बात कही, लेकिन बात नहीं बनी, इस पर वह निराश होकर लौट गए। सात नंबर के ही मोहम्मद अमन ने बताया कि उनके मौसा हासिम अंसारी रामपुर से उनके घर आ रहे थे, लेकिन पुलिस ने नहीं आने दिया। इसी तरह के कई अन्य लोगों ने भी रिश्तेदारों को नहीं आने देने की शिकायत की। हालांकि पुलिस ने नगर में जगह नहीं होने की बात कही। साथ ही रिश्तेदार होने की पुष्टि न हो पाने का हवाला देकर लोगों को नगर में नहीं आने देने की बात कही। इसी तरह दिल्ली से परिवार के साथ पहुंचे अशोक मित्तल, राज कुमार सिंह कठेरिया, हरियाणा से पहुंचे उमेश मंगला, राजस्थान से पहुंचे केशव प्रसाद नगर से बाहर वाहन रोके जाने से नाराज होकर लौट गए।
हालांकि पूर्व में हुई घोषणा के अनुसार पुलिस ने पार्किंग वाले होटलों के पर्यटकों को आने दिया। जिनके बच्चे छोटे थे, उन्हें नगर तक छोड़ने की सुविधा दी गई। वहीं, पर्यटक पूजा, दीपांशी, अनमोल, जब्बार, अदनान, काफिल, उरसलान, नौशाद, सैफ आदि ने समय से शटल सेवा नहीं मिलने की शिकायत की। एएसपी राजेश भट्ट, सीओ सिटी विजय थापा, इंस्पेक्टर मल्लीताल अशोक कुमार सिंह, एसओ तल्लीताल राहुल राठी यातायात व्यवस्थाओं को संभालने के लिए सुबह से रात तक सड़कों पर डटे रहे।
पुलिस ने नैनीताल शहर से आठ किमी पहले रोके वाहन
नाराज कई पर्यटक लौटे, नैनीताल में अव्यवस्थाएं रोकने के लिए पुलिस ने रूसी बाइपास, खुर्पाताल बाईपास, नारायणनगर पार्किंग और चारखेत पार्किंग पर रोके पर्यटकों के वाहन
फिर भी पटरी पर नहीं आ सकी नैनीताल की यातायात व्यवस्था
कुछ स्थानीय लोगों के रिश्तेदारों को भी नहीं मिली नगर में एंट्री
हल्द्वानी से नैनीताल तक टैक्सी किराया 3000
पर्यटकों की संख्या में इजाफा देख टैक्सी संचालकों ने खूब जेब गर्म की। मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला। बरेली से नैनीताल परिवार के साथ पहुंचे अहमद नदीम ने बताया कि उनसे हल्द्वानी से नैनीताल तक छोड़ने के बदले तीन हजार रुपये लिए गए, जबकि यह किराया अधिकतम 500 रुपये तक होना चाहिए। इसी तरह शटल सेवा के कुछ वाहनों को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे। कुछ शटल सेवा वालों ने भी रूसी बाईपास, नारायणनगर और खुर्पाताल तिराहे से नगर तक छोड़ने के बदले 500 से 700 रुपये तक वसूले। शटल की कुछ छोटी गाड़ियों पर रेट लिस्ट चस्पा न होने के कारण पर्यटकों से कहीं-कहीं 100 रुपये तक वसूल किए गए। हालांकि पुलिस की जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
कालाढूंगी, हल्द्वानी में बताएं कि नैनीताल पैक है
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पहुंचे कई पर्यटकों के वाहनों को जब पुलिस ने कालाढूंगी तिराहा, नारायणनगर, चारखेत और रूसी बाईपास पर रोका तो वह भड़क गए। पर्यटकों का कहना था कि अगर नगर में वाहन नहीं जाने दिए जा रहे हैं तो यह बात उन्हें कालाढूंगी, हल्द्वानी और रामनगर में बताई जानी चाहिए थी। अगर उन्हें नैनीताल पहुंचने से पहले यह बात पता होती तो नैनीताल की जगह किसी अन्य पर्यटन स्थल का रुख करते। यहां आने से उनका समय एवं पैसा दोनों बर्बाद हुआ है।