हल्द्वानी। नैनीताल के लिए यात्रियों की भीड़ ऐसी बढ़ी की रोडवेज के इंतजाम पूरी तरह फेल हो गए। रोडवेज प्रबंधन ने कई रूटों से बसों को हटाकर नैनीताल रूट पर भेजा गया, इसके बाद भी यात्रियों का दबाव कम नहीं हुआ। यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे।
नैनीताल रूट पर बृहस्पतिवार को यात्रियों की संख्या बढ़ गई। हल्द्वानी डिपो ने दूनागिरी रूट की बस को नैनीताल भेजा। इससे दूनागिरी जाने वाले यात्री भी परेशान रहे। बाद में टैक्सी से दूनागिरी को रवाना हुए। निगम प्रबंधन ने दिल्ली रूट से सभी छोटी बसें हटाकर नैनीताल भेजी। बरेली, गंगोलीहाट, बबियाड़ जाने वाली बसों को भी नैनीताल रूट में पर लगाया गया। इसके बावजूद नैनीताल जाने वाले यात्री परेशान रहे। रोडवेज बस अड्डा प्रभारी डीसी जोशी ने बताया कि नैनीताल रूट पर 20 अतिरिक्त बसें भेजी गईं। दिनभर में डिपो की सभी बसों ने नैनीताल के 120 चक्कर लगाए।
कई रूटों से बसें हटाकर नैनीताल झोंकी
20 बसें अतिरिक्त भेजने के बाद भी बसें पड़ी कम
रोडवेज की बसों ने 120 चक्कर लगाए नैनीताल के
कर्मियों, पुर्जों की कमी से नहीं चलीं 10 बसें
हल्द्वानी। रोडवेज बसों का कर्मचारियों और पुर्जों की कमी के कारण हल्द्वानी, काठगोदाम डिपो की 10 बसों का संचालन नहीं हो सका है, जबकि इन दिनों यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। दूसरे रूटों से बसों को हटाकर नैनीताल भेजना पड़ रहा है। बसों की कमी के चलते देहरादून, हरिद्वार रूट पर बसों की संख्या कम रही। इससे निगम राजस्व का नुकसान हुआ तो वहीं यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नैनीताल रीजन के आरएम यशपाल सिंह के अनुसार कोशिश की जा रही है कि बेड़े में शामिल सभी बसों का संचालन किया जाए।