हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक ने सरफेसी एक्ट के तहत 31 करोड़ रुपये के 48 बकायेदारों को नोटिस भेजे थे। बकाया जमा न कराने पर उनकी अचल परिसंपत्तियों को कब्जे में लिया गया। बकाया राशि जमा न करने पर अब बैंक ने इन परिसंपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत ने बताया कि बैंक से विभिन्न योजनाओं के तहत कई लोगों ने ऋण लिया। तय अवधि में ऋण जमा न करने पर उनके खाते एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग अकाउंट) हो गए। बैंक ने वसूली के लिए अभियान चलाकर घर-घर जाकर बकायेदारों से संपर्क किया। कई बार नोटिस भेजे लेकिन बकाया राशि जमा नहीं हुई। अंतत: बैंक को ऐसे बकायेदारों को सरफेसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई करनी पड़ी। सरफेसी एक्ट के तहत जारी आदेशों के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी, काशीपुर, देहरादून में इन बकायेदारों की अचल परिसंपत्तियों को बैंक ने कब्जे में ले लिया है। बकायेदारों पर कुल 31 करोड़ की बकाया राशि है। अब बकायेदारों के कब्जे में ली गई संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।
48 बकायेदारों की संपत्तियां नीलाम करेगा सहकारी बैंक
सरफेसी एक्ट के तहत जारी किए गए थे नोटिस