नैनीताल/भवाली/भीमताल/गरमपानी/रामनगर। कई दिनों की चटक धूप से लोग परेशान थे लेकिन रविवार शाम मौसम का मिजाज बदल गया। इससे तापमान में गिरावट दर्ज हुई। इससे लोगों को राहत मिली। जंगल की आग खुद बुझने पर वनकर्मी भी खुश हुए। रविवार का दिन नैनीताल में भी उमस भरा रहा और चटक धूप रही लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में घने काले बादल छा गए। अंधड़, तेज हवाएं चलने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों ने भी राहत की सांस ली। शाम करीब छह बजे बादलों की तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई जो करीब दो घंटे तक जारी रही। तेज हवाएं चलने के कारण सुरक्षा के लिहाज से नैनीझील में नौकायन रोक दिया गया।
रानीखेत रोड रामनगर और खैरना बाजार में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। पेड़ की चपेट में आकर रानीखेत रोड रामनगर में एक पर्यटक की कार क्षतिग्रस्त हो गई। रामनगर के गांधी घाट, छोटा बैराज के पास गंगा देवी कश्यप के मकान पर भी पेड़ गिर गया। भीमताल, भवाली, धानाचूली, पहाड़पानी, ज्योलीकोट में भी बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। नैनीताल, भीमताल, भवाली, पहाड़पानी, रामनगर क्षेत्र की बिजली दो-ढाई घंटे तक गुल रही। कई गांव रातभर अंधेरे में रहे। नैनीताल के ईई मो. उस्मान ने बताया कि विद्युतकर्मी लाइनों में फॉल्ट खोजने के लिए पेट्रोलिंग करते रहे। बारिश जंगल और असिंचित भूमि के लिए वरदान साबित हुई जबकि आम, लीची के बगीचों में भारी क्षति पहुंची। इससे बगीचों के फल ठेकेदारों की चिंता बढ़ गई। जिला कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि मंडुवा, मक्का, धान, सोयाबीन आदि खरीफ की फसलों के लिए बारिश लाभदायक है।
अंधड़, बारिश के बीच गिरे ओले
रामनगर, खैरना में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित
रामनगर, नैनीताल में ढाई घंटे ठप रही बिजली