नैनीताल। मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिलेवार समीक्षा की। कहा कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड काफी संवेदनशील है और वर्षा काल के दौरान किसी प्रकार की कोई जनहानि न हो, इसके लिए अभी से बेहतर रूपरेखा तैयार कर लें। कहा कि भूस्खलन वाले क्षेत्रों में यातायात बाधित न हो, इसके लिए ऐसे मार्गों पर जेसीबी तैनात करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दैवी आपदा से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दें और इस काम में रेस्पोंस टाइम को बहुत कम किया जाए। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों में बारिश के दौरान उफान पर रहने वाली नदियों के पास रपटों में पानी गुजरते समय वाहनों को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती करने को कहा। आपदा प्रबंधन के सचिव अमित नेगी ने पुलिस के पास मौजूद उपकरणों के साथ रिहर्सल करने को कहा। कहा कि वर्षाकाल के दौरान पशुओं में खुरपका एवं मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियां काफी तेजी फैलती हैं, जिसे देखते हुए पशुपालन विभाग दुधारू पशुओं के टीकाकरण का काम समय से पूरा कर लें। वर्षाकाल के दौरान नगर से कटने वाले इलाकों में 6 माह का राशन उपलब्ध कराने को कहा। आयुक्त कुमाऊं राजीव रौतेला ने बताया कि तैयारियां पूरी कर ली गई है और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एक माइक्रो प्लान भी तैयार किया गया है। बताया कि मलबा आने से अवरुद्ध सड़कों को कम समय में खोलने के लिए जेसीबी एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था करने के साथ ही मंडल में सड़कों के ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित कर लिए गए हैं। आयुक्त ने बताया कि परिवहन विभाग के अधिकारियों को ओवरलोडिंग एवं तेज गति से वाहन संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान डीआईजी कुमाऊं अजय जोशी, डीएम विनोद कुमार सुमन, एसएसपी सुनील मीणा, आरटीओ राजीव मेहरा आदि थे।
मानसून सीजन नजदीक है एक्टिव हो जाएं अधिकारी
मुख्य सचिव ने की मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर बैठक