रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के ढिकाला जोन और पवलगढ़ संरक्षित क्षेत्र (पीसीआर) के सीतावनी जोन में पर्यटकों जिप्सियों की संख्या के मसले पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करेगा।
ढिकाला जोन और सीतावनी जोन में बरसात के कारण जुलाई से पर्यटन गतिविधियां बंद हैं। पर्यटकों को लेकर आने वाली जिप्सियां की संख्या और ढिकाला के वन विश्राम भवनों (एफआरएच) में रात्रि विश्राम की सुविधा के मामले की पड़ताल के लिए एनटीसीए की टीम 31 अक्तूबर को रामनगर आई थी। इस दौरे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट को एनटीसीए 13 नवंबर को हाईकोर्ट में पेश करेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही हाईकोर्ट तय करेगा कि ढिकाला में रात्रि विश्राम होगा या नहीं और वहां पर्यटकों की कितनी जिप्सियाें को आवाजाही की इजाजत दी जाए। ढिकाला जोन 15 नवंबर से खुलना संभावित है। हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर ही एनटीसीए ने यह रिपोर्ट तैयार की है।