हल्द्वानी। त्योहारी छुट्टियां खत्म होते ही रोडवेज पर दूसरे दिन भी सवारियां उमड़ पड़ीं। दिल्ली भेजी गईं बसें लौटते समय जाम में फंस गईं। बसों के स्टेशन न पहुंचने से रोडवेज के पास बसों का बेड़ा खत्म हो गया। इसे देखते हुए रोडवेज ने पर्वतीय रूट की बसों में कटौती कर दी। दिल्ली रूट से लौटते ही बसों को दोबारा दिल्ली भेजा गया। देर रात तक 23 अतिरिक्त बसें दिल्ली भेजी गईं।
दूसरे दिन सोमवार को भी रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से ही यात्री पहुंचने लगे थे। सबसे ज्यादा यात्री दिल्ली रूट के थे। रविवार को दिल्ली भेजी गई बसें वापस आते समय बिलासपुर रामपुर के पास जाम में फंस गईं। इससे रोडवेज बस अड्डे में बसों की भारी कमी पड़ गई। अधिकारी दिनभर फोन में चालक-परिचालक से लोकेशन पूछते रहे। बसों के कम पड़ने से पर्वतीय रूट की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। पर्वतीय रूट कई बसें भी बिलासपुर के पास जाम में फंस गईं। आरएम यशपाल सिंह ने बताया कि दिल्ली रूट की बसें जाम में फंसने से बसें कम पड़ गईं। तीन से चार घंटे बाद दिल्ली रूट से आते ही बसें दिल्ली भेजीं। देर रात तक रोडवेज ने 23 अतिरिक्त बसें दिल्ली रूट पर भेजीं।
बसें दिल्ली जाम में फंसी, यात्री बस अड्डे पर
चार से पांच घंटे लेट हल्द्वानी पहुंची बसें
देर रात तक दिल्ली 23 अतिरिक्त बसें भेजी
पर्वतीय रूट की बसें काटी
बसों के लिए यात्री काठगोदाम और तिकोनिया वर्कशॉप
हल्द्वानी। बस अड्डे पर बस न आने के चलते सवारियां काठगोदाम और तिकोनिया वर्कशॉप में पहुंच गईं। कई यात्री वहां इंतजार करते रहे। बस न मिलने के कारण यात्रियों को तीन से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
दूसरे दिन भी रही यात्रियों की भीड़
रामनगर (नैनीताल)। रोडवेज बस अड्डे पर सोमवार को भी यात्रियों की काफी संख्या रही। अधिकतर यात्रियों हरिद्वार, देहरादून, दिल्ली के थे। डिपो में दूसरे दिन भी यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गई थी। सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक करीब 15 बसें जा चुकी थीं, जबकि शाम तक दिल्ली के लिए पांच अतिरिक्त बसें चलीं। हरिद्वार, देहरादून रूट पर भी दो से तीन अतिरिक्त बसें लगाई गईं। रामनगर डिपो के स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या ने बताया कि सभी यात्रियों की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बसें लगाई गईं थीं।