कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है।
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के सर्वाधिक लोकप्रिय ढिकाला जोन का नया पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होना है लेकिन वहां बने वन विश्राम भवनों (एफआरएच) में रात्रि विश्राम की सुविधा नहीं मिलेगी। पर्यटकों को जिप्सियों से भी नहीं भेजा जाएगा। फिलहाल वहां सिर्फ दिवसीय भ्रमण के लिए चार कैंटरों से पर्यटकों को भेजा जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश पर जिप्सियों के प्रवेश की क्षमता का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) दिल्ली की टीम बुधवार रात यहां पहुंची। उसने बृहस्पतिवार को सर्वे शुरू कर दिया है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हाईकोर्ट से ढिकाला में रात्रि विश्राम समेत जिप्सियों के प्रवेश की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बरसात में सड़कें टूटने के कारण ढिकाला जोन 15 जून से पर्यटकों के लिए बंद है। पिछले दिनों आए हाईकोर्ट के आदेश के कारण ही एनटीसीए की तीन सदस्यीय टीम यहां आई है। वह बुधवार रात यहां पहुंचकर अधिकारियों संग ढिकाला क्षेत्र की पर्यटन, वाहनों के प्रवेश की क्षमता का आकलन कर रही है। टीम शुक्रवार तक यहां रहकर रिपोर्ट बनाएगी। वहां दिवसीय भ्रमण के लिए पहले से ही जिप्सियां नहीं जाती हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर हाथी सफारी भी बंद है। निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। एडवांस बुकिंग में प्रति कक्ष के हिसाब से पंजीकृत जिप्सियों से ही पर्यटकों को ढिकाला में घुमाया जाता है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने एनटीसीए से ढिकाला की पर्यटन क्षमता, स्वरूप का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा है। आजकल यह रिपोर्ट बनाई जा रही है। कॉर्बेट नेशनल पार्क के वार्डन शिवराज चंद ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि वहां पर्यटकों को घुमाने के लिए सिर्फ चार कैंटर रजिस्टर्ड होने हैं। इसकी निविदा प्रक्रिया 19 नवंबर तक होनी है। पहली बार दो वातानुकूलित कैंटर संचालित किए जाएंगे जबकि पहले पर्यटक सिर्फ खुले कैंटर समेत रजिस्टर्ड जिप्सियों में ही सीटीआर में जा सकते थे।
वातानुकूलित कैंटर में घूम सकेंगे पर्यटक
कॉर्बेट के अधिकारियों संग जांच में जुटी एनटीसीए