हल्द्वानी। श्रीराम लीला मैदान में चल रही दिन, रात की लीला में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दिन की लीला में सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध की लीला का मंचन किया गया। सूर्पणखा हर प्रकार से राम-लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करती है। अंतत: लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटी जाती है। समाचार सुनकर युद्ध करने आए खर-दूषण भी श्रीराम के हाथों मारे जाते हैं। रात की लीला में दशरथ देह त्याग, भरत कैकई संवाद का मंचन हुआ।
शनिवार को युवा पंजाबी जनकल्याण समिति, सुवा साहू समाज, एक समाज, श्रेष्ठ समाज, पर्वतीय सांस्कृतिक कला मंच, सारथी सहयोग समिति, देवभूमि महिला संगठन मानपुर पश्चिम ने सेवा दी। रामलीला संचालन समिति ने दर्शकों से नशे के खिलाफ भी वचन मांगा। लीला के दौरान प्रमुख भोला भट्ट, एनबी गुणवंत, नीतू रौतेला, मोहिनी रावत, भागीरथी बिष्ट, अवनीश राजपाल, कनिष्क धींगड़ा, हेमंत साहू, योगेंद्र साहू, विनीत अग्रवाल, भवानी शंकर आदि थे।
‘मैैं तो छोड़ आई लंका का राज लखन लाल तेरे लिए’
रामलीला मैदान में हुआ सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो