नैनीताल। जीआईसी का खेल मैदान मंगलवार को 20 मीटर और धंस गया। साथ ही कई बोल्डर भी बलिया नाले में जा गिरे। लगभग आधा किमी के दायरे में हो रहे भूस्खलन से एक दर्जन से ज्यादा घर खतरे में हैं और क्षेत्रवासियों में भय है। लगभग तीन महीने से भूस्खलन जारी है, लेकिन इसे रोकने का कोई काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका है।
मंगलवार सुबह 11 बजे बोल्डर गिरने से बलिया नाले में धूल उठने लगी, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। जीआईसी स्कूल का खेल मैदान भी 20 मीटर और धंस गया। कृष्णापुर को जाने वाली सड़क से सटे क्षेत्र में भी भूस्खलन हो रहा है। आधा किमी के दायरे में भूस्खलन जारी होने के चलते स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लगभग तीन महीने से यहां भूस्खलन लोगों के जीन का जंजाल बना है। न जाने कितनी ही रातें लोगों ने जाग कर गुजार दीं। 24 से ज्यादा परिवार विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। 200 से ज्यादा लोग दहशत के साये में जी रहे हैं और एक हजार से ज्यादा लोग इस त्रासदी से प्रभावित हुए हैं। एक दर्जन से ज्यादा घरों पर खतरा मंडरा रहा है। भूस्खलन रोकने का कोई काम धरातल पर होता दिखाई नहीं दे रहा है।
खेल मैदान 20 मीटर और धंसा
बोल्डर गिरने से स्थानीय लोग दहशत में
तीन महीने के बाद भी धरातल पर नहीं शुरू हो सका भूस्खलन रोकने का काम
जल्द दौरा करेगी शासन से गठित टीम-
डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जायका की टीम की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन ने रिपोर्ट का अध्ययन किया। अब आपदा से जुड़े कई विभागों की संयुक्त टीम बना दी गई है। यह टीम जल्द ही बलिया नाले का निरीक्षण करने के लिए आ रही है। टीम जांच के बाद शासन को रिपोर्ट सौंपेगी।