नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को दून निवासी याची हरिहर लाल के परिजनों को संपूर्ण मुआवजा धनराशि 15 दिन में देने का निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि निर्देश का पालन न होने पर आयुक्त आवास विकास परिषद और सचिव शहरी विकास उत्तर प्रदेश को व्यक्तिगत रूप से 27 सितंबर को कोर्ट में पेश होना होगा।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याची भाव हरिहर लाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने वर्ष 1981 में देहरादून राजपुर रोड निवासी याची की 1.26 एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद नेे अधिकृत की थी। याची को भूमि का मुआवजा अभी तक नही दिया गया। पूर्व में कोर्ट ने एसएलएओ देहरादून को निर्देश दिए थे कि वह भूमि का मुआवजा तय कर आवास विकास से धन राशि जमा कराकर प्रभावितों को दे। इस आदेश का पूर्व में अनुपालन न होने पर न्यायालय ने एसएलएओ देहरादून को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याची के अधिवक्ता राजेश जोशी के मुताबिक एसएलएओ देहरादून कुसुम चौहान ने मंगलवार को कोर्ट को बताया कि भूमि का कुल एवार्ड लगभग 22.70 करोड़ तय कर दिया गया है और लगभग 6.75 करोड़ रुपये जमा किये जा चुके है। शेष धनराशि आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश ने जमा नही कराई है।
15 दिन में भूमि का मुआवजा देने का आदेश दिया