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... वरना नैनीताल की स्कॉच की भी होती विश्व में ख्याति

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नैनीताल। बलियानाला क्षेत्र लंबे समय से अत्यधिक संवेदनशील रहा है। 120 वर्ष पहले हुए भूस्खलन से नैनीताल की मशहूर ब्रेवरी (वीरभट्टी) का अस्तित्व खत्म हो गया था। इस हादसे में ब्रेवरी के सहायक प्रबंधक आर डीची सहित 27 भारतीयों की भी मृत्यु हो गई थी। ब्रेवरी में बियर के अलावा बेहतरीन क्वालिटी की स्कॉच, व्हिस्की भी बनती थी। शराब की इस ब्रेवरी के अपभ्रंश के रूप में आज भी इसका नाम बीरभट्टी ही है।
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ब्रिटिशर्स ने इस क्षेत्र की आबोहवा को स्कॉटलैंड जैसा देखकर वहां की विश्व प्रसिद्ध स्कॉच व्हिस्की की तर्ज पर यहां भी फैक्ट्री लगवाई थी। दर्जनों कर्मचारी यहां तैनात किए गए थे। यहां का उत्पाद भी उम्दा क्वालिटी का होता था। लेकिन स्थापना के कुछ वर्ष बाद ही 17 अगस्त 1898 के भीषण भूस्खलन में यह फैक्ट्री तबाह हो गई। यदि यह ब्रेवरी बच गई होती तो कोई आश्चर्य नहीं कि यहां निर्मित बियर और स्कॉच की भी विश्व में प्रसिद्ध होती। वर्ष 1924 में यहां फिर भारी भूस्खलन हुआ जिसमें एक स्थानीय महिला और दो पर्यटक मारे गए। इस बार यहां स्थित एक रेस्टोरेंट, कुछ दुकानें, पुलिस चेक पोस्ट और राज्यपाल का गैराज जमींदोज हो गए। इतिहासकार प्रो. अजय रावत बताते हैं कि हादसे में जनहानि कम हुई लेकिन इसकी चपेट में वर्तमान पुलिस लाइन तक का क्षेत्र आ गया था।

वे कहते हैं कि यदि इसका सही ट्रीटमेंट न हुआ तो फिर ये भूस्खलन पुलिस लाइन या उससे ऊपर भी पहुंच सकता है। संयोग की बात है कि एक सितंबर 1922 को ब्रेवरी के ही निकट दुर्गापुर बिजलीघर प्रारंभ किया गया था जिसमें नैनीझील के पानी से विद्युत उत्पादन होता था। यह बिजलीघर 1924 के हादसे में तो बाल-बाल बच गया लेकिन बाद में भूस्खलन में ही पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाने से यहां विद्युत उत्पादन ठप हो गया। इन हादसों से सबक लेकर ब्रिटिश शासकों ने बलियानाले को पक्का बनवाया और पूरे क्षेत्र में गहन वृक्षारोपण और घास रोपित कर भूस्खलन को थामने की कोशिश की थी लेकिन बेहद कमजोर भूगर्भीय संरचना के कारण यहां बार-बार धरती दरक जाती है।
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...वरना नैनीताल की स्कॉच की भी होती विश्व में ख्याति
- भूस्खलन लील गया था बियर फैक्ट्री, ठप हुआ बिजलीघर भी
- 1924 में बलियानाले से पुलिस लाइन तक पहुंच गया था भूकटान
- पूर्व के इन हादसों में गईं 31 जानें
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