नैनीताल। लोअर माल रोड निर्माण की गेंद जिला प्रशासन ने शासन के पाले में डाल दी है। प्रशासन का मानना है कि 58 लाख रुपये से होने वाला निर्माण कच्चा रहेगा और इसके नैनी झील में बह जाने का भी खतरा है। ऐसे में पूर्व में भेजे गए 41.50 करोड़ के प्रस्ताव को भी मंजूर किया जाए। प्रशासन ने पूरी स्थिति से शासन को अवगत करा दिया है। देहरादून से पहुंची विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को डीएम से मुलाकात माल रोड को लेकर विस्तार से चर्चा की। टीम सोमवार को अपनी रिपोर्ट डीएम और शासन को सौंपेगी।
शासन से नैनीताल पहुंची विशेषज्ञों की टीम बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी विनोद कुुमार सुमन से उसके कार्यालय में मिली। टीम सदस्यों ने कहा कि लोअर माल रोड को पानी नीचे से काट रहा है। भूकटाव जारी है, जो खतरे की घंटी है। रोड पर दोनों तरफ 15 से 20 मीटर लंबी दरारें पड़ गईं हैं। यह दरारें कभी भी बढ़ सकती हैं। दरारें बढ़ने पर परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं। इसलिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। इस दौरान चर्चा हुई कि 58 लाख रुपये से होने वाला लोअर माल रोड का निर्माण लंबे समय तक नहीं टिक सकेगा। अगर समस्या का स्थायी समाधान करना है तो पूर्व में भेजे गए 41.50 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूर कराना होगा। हालांकि देहरादून से आई टीम ने अभी तक लिखित रूप से अपनी कोई रिपोर्ट नहीं दी है। संयुक्त टीम सोमवार को रिपोर्ट देगी। टीम की रिपोर्ट को निर्माण के लिए मिलने वाले बजट से जोड़ कर देखा जा रहा है। बैठक में रोड ठीक हो जाने के बाद भी भारी वाहनों का प्रवेश बंद रखने का सुझाव टीम सदस्यों ने दिया।
प्रशासन ने माल रोड की गेंद शासन के पाले में डाली
देहरादून से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने डीएम से की चर्चा