रामनगर (नैनीताल)। हाईकोर्ट के आदेश पर वन विभाग ने रिजॉर्ट से मुक्त कराए गए सभी सात हाथी बीमार हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की बिजरानी रेंज में इन हाथियों का उपचार किया जा रहा है। स्वस्थ होने पर इन हाथियों को राजाजी नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण और उनके अभिलेखों की जांच के लिए दो कमेटियां बनाकर रिपोर्ट मांगी है। इन कमेटियों की रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजॉर्ट के सभी हाथी बीमार हैं। वह जंगल सफारी करवाने के योग्य नहीं है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा ने बृहस्पतिवार शाम ढिकुली से सात पालतू हाथियों को कब्जे में लिया था। इनके नाम रानी, फूलमाला, गुलाबकली, लक्ष्मी, एशियन लक्ष्मी, हेमा, कलीना हैं। कोसी रेंज के वन बीट अधिकारी जगदीश प्रसाद की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 2, 3, 11, 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें मैसर्स खटाऊ इंटरनेशनल लिमिटेड, इनफिनिटी रिसोर्ट स्वामी, हथिनी के महावत असलम समेत हथिनी स्वामी बलकार सिंह, मो. असलम, तौफीक अहमद, शफीक खान, नसीमुद्दीन, अताउर्रहमान, महावत राजू यादव, इमरान, राजवीर, गोविंद, मनोज कुमार, सुनील कुमार को आरोपी बनाया गया है। जब्तीकरण की कार्रवाई में एसडीओ केएन भारती, बीपी पंत, ललित मोहन जोशी, मंजू बहुगुणा, रमेश राम, चंद्रप्रकाश, जगदीश प्रसाद, देव सिंह मेहरा, वीरेंद्र प्रसाद पांडे, भुवन सती, चमनलाल, भगवत सिंह, भुवन चंद्र, प्रकाश चंद्र, जसवंत सिंह, चंदन सिंह राणा, विजेंद्र सिंह चौहान, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत सिंह, डॉ. आयुष उनियाल आदि थे।
बिजरानी रेंज में हो रहा रिजॉर्ट के हाथियों का उपचार
हाईकोर्ट के आदेश पर वन विभाग ने बृहस्पतिवार को हाथियों को कब्जे में लिया था