गरुड़ (बागेश्वर)। बारिश से अधिकांश जल स्रोतों का पानी प्रदूषित हो गया है। प्रदूषित जल के सेवन से अस्पतालों में मरीजों की संख्या में आए दिन बढ़ोतरी हो रही हैं। एमएमएस मेहता सीएचसी के प्रभारी डॉ. राजेश गुंज्याल ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की हिदायत दी है।
तहसील क्षेत्र में एक सप्ताह से हो रही बारिश से अधिकांश पेयजल योजनाओं और नौलों का पानी प्रदूषित होने की आशंका बनी है। जल संस्थान की अणां बानणा पेयजल योजना सहित संस्थान की अधिकांश योजनाओं से लंबे समय से प्रदूषित पानी सप्लाई हो रही है। भकुनखोला, टीट बाजार, गढ़सेर, गरुड़ बाजार, टानीखेत, स्याल्दे टीट के ग्रामीणों ने जल संस्थान के ईई से पेयजल योजना के टैंक में ब्लीचिंग डालने के संबंध कई बार कह दिया है मगर विभाग ने ग्रामीणों की मांग को आज तक गंभीरता से नहीं लिया।
एमएमएस सीएचसी बैजनाथ के चिकित्साधिकारी राजेश गुंज्याल ने बताया कि बारिश से योजनाओं का पानी प्रदूषित हुआ है। बताया कि जांच में अणां बनाणा पेयजल योजना का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है जिसके चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि अकेले बैजनाथ अस्पताल में हर रोज डेढ़ सौ से अधिक लोग उपचार कराने पहुंच रहे हैं। अधिकांश मरीज पेट दर्द और बुखार से पीड़ित है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने एएनएम से ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां वितरित करने को कहा है।
नौलों को साफ रखें
एसडीएम गरुड़ सुंदर सिंह ने जल संस्थान के जेई, ग्राम पेयजल समिति के अध्यक्षों से पेयजल योजनाओं के टैंक में क्लोरीन, ब्लीचिंग डालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानों से अपने गांव के नौलों को हर रोज साफ करने को कहा है।