नैनीताल। प्रदेश में लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे लगभग 400 डॉक्टर बर्खास्त कर दिए जाएंगे। नैनीताल पहुंचे स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 2700 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1500 तैनात हैं जबकि 1200 डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने जल्द ही नई भर्ती कर इन पदों को भरने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अरसे से गैरहाजिर चल रहे सरकारी डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विभाग में निष्ठा न रखने वाले डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा। ऐसे में वह प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने बताया कि 300 डॉक्टरों की नई भर्तियां हाल में ही हुई थीं, जिनमें से 80 गैरहाजिर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 46 नए डॉक्टरों की तैनाती कर दी है। जल्द ही प्रदेश में और नए डॉक्टर भर्ती किये जाएंगे। महानिदेशक ने बताया कि विभाग की सख्ती के बाद कई डॉक्टरों ने जवाब दे दिया और दोबारा से ज्वाइन करना चाहते हैं। 100 डॉक्टर पीजी करने गए हैं, वह दो साल के बाद ज्वाइन करेंगे। समय रहते जवाब न देने और गैरहाजिर रहने वालों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। वे प्रदेश भर में घूम कर डॉक्टरों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। डॉक्टरों से कार्यों का विस्तृत ब्योरा लिया जा रहा है। स्टाफ पूरा होने और सभी संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी अगर मरीजों को रेफर किया जाएगा तो डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। स्टाफ पूरा होने पर ही एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि मशीनें दी जाएंगी।
बीडी पांडे अस्पताल का निरीक्षण किया
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने बीडी पांडे अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान कई डॉक्टरों ने कहा कि वह 22-22 साल से पहाड़ पर ही नौकरी कर रहे हैं। दो डॉक्टरों ने मैदानी क्षेत्र में तबादले की मांग की। कई डॉक्टरों ने कहा कि उनके पास लंबा समय बीतने के बाद भी आवास उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने बीडी पांडे अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि महिला अस्पताल में वार्ड का निर्माण सालों पहले शुरू किया गया था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि इस निर्माण के लिए 13 लाख रुपये की राशि सालों से लोनिवि के पास पड़ी है। इस दौरान पीएमएस डॉ. तारा आर्या, विनोद तिवारी, डॉ. केएस धामी, वाईके जोशी आदि मौजूद रहे।
तोड़फोड़ करने वाले डॉक्टरों की जरूरत नहीं
नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रामनगर के अस्पताल में चिकित्सक द्वारा तोड़फोड़ करना वास्तव में एक गंभीर मुद्दा है। कहा कि विभाग को इस तरह के डॉक्टरों की जरूरत नहीं हैं। मामले में जांच चल रही है। तोड़फोड़ करने वाले डॉक्टर को हटा दिया जाएगा।