रामनगर (नैनीताल)। मरीज के साथ हुई कहासुनी के बाद अस्पताल में तोड़फोड़ पर डीजी हेल्थ ने कड़ी नाराजगी जताई। डीजी हेल्थ ने पूरे प्रकरण की जानकारी कर सीएमएस को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमएस ने आरोपी डॉक्टर को अस्पताल से हटाने की संस्तुति कर दी है। अस्पताल के स्टाफ ने आरोपी डॉक्टर के साथ ड्यूटी से इंकार कर दिया।
अस्पताल में मरीज के साथ शनिवार शाम कहासुनी के बाद डॉ. कैलाश रावत ने अस्पताल के शीशे तोड़ दिए। इस मामले में कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ धारा 427, 323 में मुकदमा दर्ज किया। रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे सीएमएस डॉ. टीके पंत ने प्रकरण की जानकारी ली। इस दौरान देहरादून से स्वास्थ्य महानिदेशक ने भी सीएमएस से आरोपी डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा। अस्पताल के स्टाफ फार्मेसिस्ट अरुण, शाहिद सहित अन्य ने सीएमएस को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि आरोपी डॉक्टर आए दिन मारपीट करते हैं, जिसकी वजह से मरीजों का गुस्सा उन पर भी फूट जाता है। ऐसे में यदि वह उनके साथ काम करेंगे तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।
सीएमएस ने डीजी हेल्थ को प्रकरण की जानकारी दी
अस्पताल स्टाफ ने आरोपी डॉक्टर के साथ ड्यूटी से इनकार किया
सुबह अस्पताल पहुंचा डॉक्टर
रात में हंगामा करने के बाद डॉ. कैलाश रावत रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे। जैसे ही वह अस्पताल पहुंचे तो स्टाफ ने उनके साथ बात नहीं की। सीएमएस ने उन्हें अपने कार्यालय में तलब कर डॉक्टर से लिखित पक्ष रखने को कहा, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद डॉक्टर अस्पताल में घूमते रहे, लेकिन इस दौरान उनसे कार्य नहीं लिया गया। इस कारण अस्पताल में दोपहर तक घूमने के बाद वह लौट गए।
पूरे प्रकरण की जानकारी डीजी हेल्थ को दे दी गई है। अस्पताल के स्टाफ ने भी डॉ. कैलाश रावत के साथ काम करने से इंकार किया है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
- डॉ. टीके पंत, सीएमएस