रामनगर (नैनीताल)। धुमाकोट बस हादसे में कई घरों की खुशियां उजड़ गईं। किसी ने मां को खोया किसी ने बहन को। किसी का रिश्तेदार जान गंवा बैठा तो किसी के दोस्त ने विदाई ले ली।
रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती घायलों ने हादसे के बारे में बताया तो हर कोई अवाक रह गया। पीपली गांव से दो किमी पहले बैठे 24 वर्षीय दीप चंद ने बताया कि वह देहरादून सैमाई अस्पताल में कार्यरत है। वह अपनी बहन सरोजनी, जीजा मनवर के साथ देहरादून के लिए निकले थे लेकिन उन्हें क्या मालूम कि दो किमी चलने के बाद वह अपनी बहन, जीजा को खो देंगे। दीप चंद्र ने बताया कि वे लोग खड़े होकर आ रहे थे। कुछ देर बाद सीट खाली होने की बात कहकर उन्हें जबरदस्ती बस में बैठाया गया जबकि बस में पैर रखने के लिए जगह नहीं थी।
रामनगर ब्लॉक के ग्राम हल्दुआ नईबस्ती प्लॉट नंबर 11 में सात वर्षीय याशिका पुत्री सोबन सिंह अपने ननिहाल तुल्कड़िया गई थी। सोमवार को स्कूल खुलने के चलते रविवार को अपने घर लौट रहे थे। याशिका के चचेरे भाई रवींद्र रावत ने बताया कि याशिका के पिता रुद्रपुुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। याशिका अपनी मां मंजू देवी, दस वर्षीय बहन आशु के साथ आ रहे थे। रवींद्र ने बताया कि चाची ने फोन किया कि हम आ रहे हैं लेकिन तब उसे पता नहीं था कि यह चाची की आखिरी कॉल होगी।
हिमांशु के सामने ही मां और बहन चल बसीं
रामनगर (नैनीताल)। क्वीन पीपली गांव के भज्जू सिंह का बेटा हिमांशु अपनी मां संगीता, बहन मीनाक्षी के साथ अपने ननिहाल आया था। स्कूल खुलने के चलते वह अपने मामा अजीत सिंह के साथ भानूवाला देहरादून के लिए निकले थे। हिमांशु के नाना मदन सिंह ने बताया कि दामाद भज्जू सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। हादसे में घायल हिमांशु की मां संगीता, छह वर्षीय बहन मीनाक्षी की मौत हो गई, जबकि मामा अजीत, हिमांशु घायल हो गये।
भतीजे को छोड़ने आई बुआ की मौत
रामनगर (नैनीताल)। दस वर्षीय अंकित कुमार 10-12 दिन पहले छुट्टी बिताने अपनी बुआ के घर गया था, जिसका सोमवार को स्कूल खुलने के चलते उसकी बुआ उसे बिल्कोट हल्दूखाल छोड़ने के लिए आई थी, जहां अंकित की दादी गुड्डी देवी उसका इंतजार कर रही थी। जब बस हादसे का मालूम चला गुड्डी देवी ने घायल अंकित कुमार को पहचान लिया। वह एंबुलेंस में ही संयुक्त चिकित्सालय पहुंची दादी ने बताया कि अंकित अपनी बुआ आशा देवी के घर पीपली गांव गया था, जिसे उसकी बुआ छोड़ने के लिए आ रही थी। बैंच में बैठी गुड्डी पानी मांगती रही।
गड्ढा और ओवरलोडिंग से हुआ हादसा
रामनगर (नैनीताल)। घायल यात्रियों का कहना है कि सड़क पर पानी से भरा गड्ढा हादसे का कारण बना। बस में क्षमता से अधिक यात्री भी सवार थे। यात्रियों के अनुसार गड्ढे से बचने के लिए चालक ने नियंत्रण खो दिया। घायल शीशपाल सिंह निवासी दंडधार ने डीआईजी अशोक कुमार को बताया कि पुल पार करते ही पानी से भरा गड्ढा था, जिससे बचने के चक्कर में यह हादसे हुआ।