रामनगर (नैनीताल)। जाके राखों साइयां मार सके ना कोय। यह कहावत रविवार को दो छात्रों पर सही साबित हुई। ये दोनों छात्र भी इसी बस से रामनगर आने वाले थे, लेकिन बस छूट गई। बस छूट गई और उनकी जान बच गई। हालांकि, इनके कई रिश्तेदार इस हादसे का शिकार हो गए।
जिला पौड़ी गढ़वाल के डडिया कोट तल्ला भौन निवासी नवीन सिंह अपने रिश्तेदार जसपाल सिंह के साथ धुमाकोट जा रहा था, लेकिन बस छूटने के बाद दोनों जीप से ही धुमाकोट के लिए निकले। पुल के पास बस हादसे के बाद दोनों ने यात्रियों की चीख-पुकार सुनीं और वह रुक गए, जहां नदी में गिरी बस के परखचे उड़े थे। इनमें से अधिकतर यात्री पानी में पड़े थे तो कुछ खाई में पड़े हुए थे। घायलों की खाई से बचाओ-बचाओ की आवाज आ रही थी। इसे देख दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे घबरा गए क्योंकि इस बस में उनके चाचा, चाची, ताऊ, ताई, भाई आदि भी सवार थे।
दोनों के साथ जीप में पांच लोग सवार थे। सभी घायलों की मदद के लिए खाई में उतरे और घटना की सूचना नवीन ने अपने चाचा रानीखेत सीओ वीर सिंह को दी। साथ ही उन्होंने घटनास्थल की फोटो भी ली।
नवीन ने बताया कि घर में पूजा-अर्चना होने के चलते सभी रिश्तेदार गांव भौन आए थे। अन्य रिश्तेदार तो शनिवार को ही चले गए थे। सात लोग ही रविवार को जा रहे थे। बताया कि बस में चाची सुमन, चाचा भारत, उनका बेटा विवेक, ताऊ हरेंद्र, ताई बीना देवी सवार थे। हादसे में केवल भाई विवेक सिंह (12) पुत्र भारत सिंह ही बचा है, जो दिल्ली जा रहा था। नवीन डीबीएस कॉलेज देहरादून में एमए फाइनल की पढ़ाई करने के साथ ही मानव स्कूूल में स्पोर्ट्स टीचर भी है, जबकि जसपाल सिंह कोटद्वार से आईटीआई कर रहा है।