नैनीताल। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को बरसात से पहले तैयारी कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा संभावित क्षेत्रों और सड़कों को चिन्हित कर जेसीबी तैनात कर ली जाए ताकि मलबा आने पर बंद सड़क को तुरंत खोला जा सके। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयां का भंडारण कर लें। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में आपदा संबंधित उपकरणों की आवश्यकता है, तुरंत खरीद लें।
बाढ़ चौकियां सक्रिय करें, उनमें 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती रखी जाए। जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही तहसील स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। नदियों के किनारे रह रहे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें विस्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान पौधरोपण करने को कहा। आयुक्त राजीव रौतेला ने कुमाऊं के सभी जनपदों में ट्रामा सेंटरों की स्थापना का सुझाव दिया। उन्होंने बताया बागेश्वर में ट्रामा सेंटर स्थापित है। स्टाफ तैनात है, लेकिन उपकरण नहीं हैं। डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिले में भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों, सड़कों को चिंहित कर क्रैश बैरियर व पैराफिट लगा दिए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में आईजी पूरन सिंह रावत, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, डीएफओ बिजूलाल टीआर, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं कपिल जोशी, डीएफओ तेजस्वनी पाटिल धकाते, एडीएम बीएल फिरमाल, एसई सिंचाई एनएस पतियाल, सीवीओ डॉ. पीएस भंडारी आदि उपस्थित थे।