नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीते सालों की खामियों से सबक लेते हुए अब जुलाई से शुरु होने जा रहे नए शिक्षा सत्र में ऑनलाइन प्रवेश फार्म भरने के तरीके में कुछ फेरबदल करने की योजना बनाई है। इसमें विद्यार्थियों की ओर से प्रवेश के दौरान ऑनलाइन भरे गए फार्म की जानकारियों को प्रवेश हो जाने के बाद कॉलेज और कैंपस से सत्यापित कराया जाएगा। इस सत्यापित डेटा का प्रयोग विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म और प्रवेश पत्र निर्गत किए जाने में भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बार-बार फार्म नहीं भरना पड़ेगा।
विवि में एक वर्ष पहले शुरू हुई ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली अपने शुरुआती दौर से ही खामियों के चलते विवादों में रही है। छात्र नेताओं के हंगामा करने के बाद विवि की ओर से खामियों को दूर करने के प्रयास भी किए जाते रहे हैं।
विवि में आने वाले कई मामलों ये पाया गया है कि विद्यार्थियों की ओर से ऑनलाइन प्रवेश फार्म भरने के दौरान जानकारी गलत दर्ज की जाती हैं, जिससे परीक्षा फार्म भरने के दौरान उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी और विवि की विवादित रही कार्यशैली को सुधारने उद्देश्य से विवि प्रवेश की ऑनलाइन प्रणाली में फेरबदल करने के तैयारी कर रहा है।
जुलाई से शुरु होने वाले नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान ऑनलाइन फार्म में अपना नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, लेने वाले विषयों समेत मांगी गई अन्य जानकारी भरनी होगी। इसी के साथ स्नातक के छात्रों को इंटर व परास्नातक के छात्रों को अपने स्नातक के अंक ऑनलाइन प्रवेश फार्म भरने होंगे।
विवि प्रवेशार्थियों की ओर से भरी गई जानकारी को कॉलेज और कैंपसों को प्रदान करेगा, जिसके बाद वे अपनी मैरिट लिस्ट तैयार कर विषयों में उपलब्ध सीटों के आधार पर प्रवेश देंगे। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों नाम और उनको दिए गए विषयों की जानकारी विवि को देनी होगी।
साथ ही कॉलेजों को प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी को एक महीने में सत्यापित कर विवि में उपलब्ध करानी होगी। विवि की इस योजना से प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकेगी।