गरुड़ (बागेश्वर)। केदारनाथ मंदिर (बैजनाथ) का एक हिस्सा भूगर्भीय हलचलों से कई साल पूर्व कुछ 15-20 डिग्री झुक गया था। मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रति केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग फिलहाल गंभीर नजर नहीं दिख रहा है।
केदारनाथ मंदिर बैजनाथ का निर्माण 8वीं सदी में कत्यूूरी शासकों ने किया था। जो लोग केदारनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग की चढ़ाई नहीं चढ़ पाते हैं, वह बैजनाथ के केदारनाथ मंदिर में पूजा के बाद बदरीनाथ धाम के दर्शन करने जाते है। मंदिर के गर्भगृह में गणेश जी, शिवलिंग है। मंदिर के पुजारी प्रकाश गिरी, भगवत गिरी ने बताया कि केदारनाथ मंदिर का एक हिस्सा 1990 के दशक में भूगर्भीय हलचलों से 15 से 20 डिग्री झुक गया था। केंद्रीय पुरातत्व विभाग देहरादून के अधीक्षक मुसद्दर अली का कहना है कि विभाग ने केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए 22 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। विभाग की निर्माण एजेंसी ने पुनर्निर्माण के लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित कर की थी। उन्होंने बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए पुन: निविदा आमंत्रित की जाएगी। देश-विदेश के पर्यटक जब कभी बैजनाथ मंदिर समूूूह के दर्शन करने आते है। केदारनाथ मंदिर का एक हिस्सा झुका देख वह सरकार के खिलाफ कुछ उल्टा ही बोल जाते है। डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि केदारनाथ मंदिर के संरक्षण के संबंध में मैने भारतीय पुरातत्व विभाग को लिखा है।