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गोमती के उद्गम स्थल पर पानी धार कम होने से गोमती घाटी के लोग सकते में

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गरुड़ (बागेश्वर)। गोमती के उद्गम स्थल अंग्यारी महादेव में गर्मी शुरू होते ही पानी का स्तर घट गया है। उद्गम स्थल पर पहली बार पानी कम होने से क्षेत्र के लोग चिंतित है।
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गोमती नदी का उद्गम स्थल कुमाऊं और गढ़वाल मंडल की सीमा पर अंग्यारी महादेव में है। उद्गम स्थल से गाय के दो कृत्रिम मुंहों से पानी की धारा निकलती है। इन्हीं धाराओं में स्थानीय नालों का पानी मिलता है। छत्यानी पहुंचने पर गोमती नदी बड़ा रूप ले लेती है। मजकोट गांव के लोगों का कहना है कि पूर्वजों के अनुसार गोमती के उद्गम स्थल पर गाय के बने दो मुंहों में से एक मुुुंह से पहले सफेद दुध जैसी धारा निलती थी। एक मुुंह से पानी निकलता था। अब दोनों कृत्रिम गाय के मुंहों से पानी की धारा बहती है। दोनों धाराओं से गत वर्ष की तुलना में कम पानी निकल रहा है। रौल्याना के प्रधान मदन गिरी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब उद्गम स्थल पर पानी का स्तर कम हुआ हो। जबकि समय-समय पर बारिश भी होने में है। मजकोट के वन पंचायत सरपंच कैलाश गिरी ने बताया कि अंग्यारी के जंगल में पेड़ पौधों के कटान पर वन पंचायत ने प्रतिबंध लगा रखा है। ग्रामीणों ने स्रोत का पानी बढ़ाने के लिए वन विभाग से अंग्यारी के जंगल में बरसाती तालाबों का निर्माण करने की मांग की है।
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