नैनीताल। भीमताल के गांव सूपी काफली किरौड़ में तेंदुए के डर से बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। इस पर रविवार को ग्रामीण विधायक राम सिंह कैड़ा के साथ डीएफओ धर्म सिंह मीणा से मिले और तेंदुए को पकड़ने के साथ ही झाड़ियां कटवाने की मांग रखी।
विधायक ने डीएफओ को दिए पत्र में बताया कि कई माह से सूपी गांव में तेंदुए की दहशत है। 18 अप्रैल को एक बच्चे को तेंदुए ने निवाला बना लिया था। इससे पहले भी कई बार तेंदुए ग्रामीणों पर हमला कर चुके हैं। बताया कि ग्रामीणों ने खेतों में और बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। उन्होंने डीएफओ से गांव में पिंजरा लगवाने, प्रकाश की व्यवस्था कराने की मांग की है। डीएफओ ने बताया कि पिंजरा भेज दिया है और प्रकाश की व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी। ग्रामीण झाड़ियां स्वयं साफ कर सकते हैं।
पोस्टमार्टम न कराने से लटका मुआवजा
18 अप्रैल को तेंदुए का शिकार बने बच्चे के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है। इसका कारण बच्चे का पोस्टमार्टम न होना बताया जा रहा है। विधायक के कहने पर डीएफओ ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के लिए कोई रास्ता निकालने का आश्वासन दिया। यहां, कमलेश बिष्ट, जीवन सिंह, पान सिंह, बहादुर सिंह, आनंद सिंह, राम सिंह, धन सिंह, खुशान सिंह, राजेंद्र सिंह, दीपक सिंह, अनिल चनोतिया आदि रहे।
बलदिया खान में बांटा मुआवजा
डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि बलदिया खान में पिछले दिनों एक बच्ची को तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया था। 50 हजार रुपये घटना वाले दिन पीड़ित परिवार को दिए थे। ढाई लाख रुपये रविवार को परिवार को दे दिए हैं।