नैनीताल। पंडित गोविंद बल्लभ पंत चिड़ियाघर प्रशासन अब फीजेंटों (पक्षियों) का कुनबा बढ़ाने में जुट गया है। पक्षियों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भोजन में मिनरल की मात्रा बढ़ा दी गई है। बाड़ों में इंक्यूवेटर लगाए गए हैं।
करीब 4.693 हेक्टेयर में फैले नैनीताल जू में 235 वन्य प्राणि हैं। इनमें से विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की संख्या 190 है। जू में एक से बढ़कर एक देशी-विदेशी पक्षी दर्शकों का विशेष आकर्षण रहते हैं। इनमें लेडी एमहस्ट फीजेंट, सिल्वर फीजेंट, क्लीज फीजेंट, गोल्डन फीजेंट, चीर फीजेंट, सिल्वर गोल्डन फीजेंट, चाइनीज रिंग नेक, जापानी ग्रीन फीजेंट आदि मुख्य हैं। आम तौर पर मार्च से लेकर मई तक फीजेंटों का ब्रीडिंग सीजन होता है। कई फीजेंट अंडे देने के बाद उसे नहीं नहीं सकते उन्हें इन्क्यूवेटर में ही रखा जाता है। फीजेंटों को जरूरी विटामिन युक्त हरा आहार, औषधियां दी जा रही हैं। नर, मादा फीजेट के एक-एक जोड़े को अलग रखा गया है। कई बार फीजेंट ब्रीडिंग सीजन में काफी आक्रामक हो जाती हैं। इसलिए उन पर पैनी निगाह रखी जा रही है।
खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा
जू में 235 वन्य प्राणियों में से हैं 190 फीजेंट
फीजेंटों के बाड़ों में इन्क्यूवेटर लगाए गए
ब्रीडिंग सीजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा : जोशी
नैनीताल। जू के रेंजर प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि निदेशक धर्म सिंह मीणा के निर्देशन में वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज के नेतृत्व में फीजेंटों के ब्रीडिंग सीजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फीजेंटों का कुनबा बढ़ाने के लिए लगन, मेहनत से फीजेंटों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शीतकाल के चलते जू में मौजूद वन्य प्राणियों के आहार में जो बदलाव किया गया था, वह फरवरी में ही बंद हो गया था।